
चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने भी आंदोलन को दिया समर्थन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 19वें दिन भी जारी रही। 13 अक्टूबर से काम बंद कर आंदोलन कर रहे पटवारियों के कारण राजस्व विभाग का जमीनी स्तर पर कामकाज प्रभावित हो रहा है। नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 28 अक्टूबर को राजस्व पटवारी संघ ने रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
पटवारियों की प्रमुख मांगों में पटवारी संवर्ग से राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति का प्रावधान करना शामिल है। संघ का कहना है कि पदोन्नति के अवसर नहीं मिलने के कारण कर्मचारी वर्षों तक एक ही पद पर काम करते हैं और उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
इसके अलावा वर्ष 2017 से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। पटवारियों ने पीवी ऐप में लगातार सामने आ रही तकनीकी और मैप संबंधी त्रुटियों का हवाला देते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि कई बार संशोधन के बावजूद ऐप की समस्याएं दूर नहीं हुई हैं, जिससे पटवारियों के साथ किसान और अधिकारी भी परेशान हो रहे हैं।
संघ ने पटवारियों के खिलाफ की गई द्वेषपूर्ण कार्रवाई निरस्त करने की मांग भी रखी है। रैली में पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धीरज पांडेय सहित संघ के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
इधर, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ. एमएस मराबी के नेतृत्व में डॉ. वीपी सिंह, सचिन तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों की मांगों का समर्थन किया। हड़ताल लंबी खिंचने से राजस्व संबंधी कामकाज पर इसका असर लगातार बढ़ रहा है।