बिलासपुर। जम्मू-कश्मीर से पति की अस्थियां लेकर तीन बच्चों के साथ घर लौट रही एक महिला रास्ते में बच्चों से बिछड़ गई। महिला ट्रेन में पानी भरने के लिए नीचे उतरी थी, इसी दौरान ट्रेन रवाना हो गई और उसके तीनों बच्चे ट्रेन में ही रह गए। ट्रेन के बैतूल पहुंचने पर बच्चों को सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में रखा गया। इधर, महिला दूसरी ट्रेन से बिलासपुर पहुंची, जहां रेलवे की विशेष टीम ने बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी देकर उसे राहत दी।


मामला बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेलटुकरी निवासी लक्ष्मी साहू (40) का है। लक्ष्मी अपने पति संतोष साहू के साथ रोजगार के लिए ठेकेदार के माध्यम से श्रीनगर गई थीं। करीब 19 सितंबर को वहां संतोष साहू की मौत हो गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लक्ष्मी पति की अस्थियां लेकर तीन बच्चों के साथ गांव लौट रही थीं।


यात्रा के दौरान एक स्टेशन पर लक्ष्मी पानी भरने के लिए ट्रेन से नीचे उतरीं। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी और उनके तीनों बच्चे ट्रेन में ही रह गए। महिला ट्रेन नहीं पकड़ सकीं। ट्रेन के बैतूल पहुंचने पर बच्चों को सुरक्षित उतार लिया गया और चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में रखा गया। 


बिलासपुर पहुंचने के बाद महिला बच्चों को लेकर काफी परेशान थीं। मामले की जानकारी मिलने पर बिलासपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की विशेष टीम ने बैतूल चाइल्ड केयर से संपर्क कर बच्चों के सुरक्षित होने की पुष्टि की। इसके बाद टीम ने महिला के आगे के सफर के लिए टिकट की व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचाया।


महिला को उसलापुर से अमरकंटक एक्सप्रेस में बैठाकर इटारसी के लिए रवाना किया गया, ताकि वहां से वह बैतूल पहुंचकर अपने बच्चों को साथ ले सकें। रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से परेशान मां को बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली और उनके पास पहुंचने का रास्ता भी आसान हुआ।