दुर्गा विसर्जन 21 अक्टूबर को शाम 4 से रात 11 बजे तक, डीजे और हथियारों पर प्रतिबंध
बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि, दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर में 300 से अधिक दुर्गा पंडाल तैयार हो रहे हैं। वहीं, गुजराती, यादव, वैश्य और सिंधी समाज सहित करीब 10 स्थानों पर गरबा-डांडिया के आयोजन होंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा और विसर्जन के दौरान डीजे तथा बड़े साउंड सेटअप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक पंडाल में CCTV कैमरे, अग्नि सुरक्षा के इंतजाम और 24 घंटे कम से कम 2 वालंटियर तैनात रखना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 21 अक्टूबर को शाम 4 से रात 11 बजे तक का समय निर्धारित किया है। विसर्जन पचरी घाट और छठ घाट पर होगा। जुलूस में नशा करने, चाकू या अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। भंडारे में प्लास्टिक के दोना-पत्तल के इस्तेमाल और सड़क पर वाहन रोककर प्रसाद बांटने की भी अनुमति नहीं होगी।
बैठक में समितियों को दिए गए निर्देश
जिला कार्यालय के मंथन सभागार में अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिव कुमार बनर्जी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) की मौजूदगी में दुर्गा पूजा समितियों, गरबा आयोजकों तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालकों की बैठक हुई। इसमें सुरक्षा, यातायात, ध्वनि प्रदूषण और विसर्जन व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अतिरिक्त कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा समितियों को नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार पंडाल लगाने की अनुमति लेनी होगी। मुख्य मार्गों पर पंडाल इस तरह लगाए जाएं कि यातायात बाधित न हो और एंबुलेंस तथा फायर ब्रिगेड के आवागमन में परेशानी न आए।
प्रत्येक पंडाल और आसपास CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। प्रतिमा स्थल पर 24 घंटे कम से कम 2 वालंटियर तैनात रहेंगे। उनकी सूची और सत्यापित पहचान पत्र संबंधित थाने में जमा कराने होंगे। अधिक भीड़ वाले पंडालों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त वालंटियर भी रखने होंगे।
डीजे और बड़े साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध
प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण मानकों और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए डीजे तथा बड़े साउंड सेटअप पर प्रतिबंध लगाया है। सामान्य साउंड सिस्टम का इस्तेमाल भी निर्धारित ध्वनि सीमा और आवश्यक अनुमति के अनुसार ही किया जा सकेगा।
पिछले वर्षों में विसर्जन के दौरान हुए विवाद और डीजे पर हुई कार्रवाई को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वर्ष 2025 में तेज आवाज में डीजे बजाने के मामलों में बिलासपुर पुलिस ने डीजे वाहन और साउंड उपकरण जब्त किए थे। 24 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन के दौरान भी 2 डीजे जब्त किए गए थे।
जुलूस में नशा और हथियार लेकर चलने पर कार्रवाई
विसर्जन जुलूस में नशा करके शामिल होने और चाकू जैसे हथियार रखने पर पूरी तरह रोक रहेगी। जुलूस के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर वालंटियर तत्काल पुलिस को सूचना देंगे। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में आयोजन समिति की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
भंडारे में प्लास्टिक पर रोक
दुर्गा पूजा के दौरान भंडारे और लंगर में प्लास्टिक के दोना-पत्तल या अन्य प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। समितियों को पत्तों से बने दोना-पत्तल का उपयोग करने, पर्याप्त डस्टबिन रखने और कचरे का उचित निपटान करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क या नाली में कचरा फेंकने तथा सड़क पर वाहन रोककर प्रसाद बांटने पर भी रोक रहेगी।
बारिश को देखते हुए बिजली और आग से सुरक्षा जरूरी
बारिश की संभावना को देखते हुए पंडालों में बिजली के तारों के जोड़ की किसी इलेक्ट्रिशियन से टेपिंग करानी होगी। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। इसकी व्यवस्था नहीं होने पर बाल्टी में रेत-पानी और गीली बोरियों का इंतजाम रखना होगा, ताकि आपात स्थिति में तत्काल बचाव किया जा सके।
गरबा आयोजन के लिए एनओसी अनिवार्य
शहर में करीब 10 स्थानों पर गरबा-डांडिया के आयोजन प्रस्तावित हैं। आयोजकों को कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन से एनओसी और लिखित अनुमति लेनी होगी। आयोजन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, वालंटियर और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करना जरूरी होगा। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आयोजकों की भी रहेगी।
21 अक्टूबर को पचरी और छठ घाट पर होगा विसर्जन
दुर्गा प्रतिमाओं का मुख्य विसर्जन 21 अक्टूबर को शाम 4 से रात 11 बजे तक किया जाएगा। निर्धारित समय में विसर्जन पूरा नहीं होने पर शेष प्रतिमाओं का विसर्जन 22 अक्टूबर को सूर्यास्त से पहले करना अनिवार्य होगा। विसर्जन के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
जुलूस के लिए देवकीनंदन चौक से मुख्य मार्ग का उपयोग किया जाएगा। कोतवाली चौक से झांकियों को एक-एक करके आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि यातायात का दबाव नियंत्रित रहे और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों। नगर निगम की ओर से पचरी और छठ घाट पर सफाई तथा गोताखोरों की व्यवस्था की जाएगी।