93 केंद्रों पर रविवार को हुई राज्य पात्रता परीक्षा, सरकंडा के परीक्षा केंद्र में सामने आईं अलग-अलग शिकायतें
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET) के दौरान सरकंडा स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्वामी आत्मानंद स्कूल में अलग-अलग घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद एक परीक्षार्थी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। हालत गंभीर देखकर केंद्र प्रबंधन ने 112 के पहुंचने में देर होने पर उसे ऑटो से सिम्स भेजा। अस्पताल में उसे कार्डियक अरेस्ट आने की जानकारी सामने आई। फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।
रविवार को जिले के 93 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 25,685 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। सरकंडा के स्वामी आत्मानंद स्कूल में पहली पाली के दौरान कुछ कमरों में प्रश्नपत्र करीब 20 मिनट देर से बांटे जाने की शिकायत भी सामने आई। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन उसे प्रश्नपत्र करीब 10.20 बजे दिया गया। उसने इसकी शिकायत केंद्राध्यक्ष से की। हालांकि केंद्र प्रबंधन का कहना है कि उसके अलावा किसी अन्य परीक्षार्थी ने ऐसी शिकायत नहीं की।
छात्रा ने पर्यवेक्षक पर लगाया गलत तरीके से छूने का आरोप
दूसरी पाली में एक छात्रा ने एक पर्यवेक्षक पर परीक्षा के दौरान गलत तरीके से छूने का गंभीर आरोप लगाया। छात्रा के अनुसार, वह बाथरूम की ओर गई तो पर्यवेक्षक उसके पीछे आया और परीक्षा समाप्त होने तक उसका पीछा करता रहा। छात्रा ने केंद्र में मौजूद शिक्षकों के सामने शिकायत करने की बात कही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बाहरी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर उठे सवाल
केंद्र से जुड़े लोगों के अनुसार स्कूल में अतिशेष शिक्षक होने के बावजूद परीक्षा ड्यूटी के लिए दूसरे स्कूलों से पर्यवेक्षक बुलाए गए थे। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद बाहरी पर्यवेक्षकों की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि पर्यवेक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की ओर से अभी कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
प्राचार्य बोले- सभी प्रश्नपत्र समय पर बांटे गए
प्राचार्य पी. मंडल ने प्रश्नपत्र देर से बांटे जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रश्नपत्र समय पर बांटे गए थे। छात्रा द्वारा गलत व्यवहार की शिकायत किए जाने के संबंध में उन्होंने बताया कि छात्रा ने परीक्षा के बाद इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने छात्रा से कहा था कि वह इस संबंध में व्यापम में शिकायत कर सकती है।
प्राचार्य के अनुसार, उन्होंने संबंधित पर्यवेक्षक से भी बात की थी। पर्यवेक्षक का कहना था कि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी छात्रा पेपर जमा नहीं कर रही थी, इसलिए वह उससे पेपर लेने के लिए गया था।
इधर, यह भी दावा किया गया कि प्रश्नपत्र में देरी और कथित गलत व्यवहार की शिकायत लेकर करीब 15 से 20 परीक्षार्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन संबंधित कार्यालय बंद मिला। वहीं नोडल अधिकारी भवानी शंकर साव ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।