10 अक्टूबर को पति के साथ गई थी जेल, 12 को बिगड़ी तबीयत; प्रारंभिक जांच में मल्टी ऑर्गन फेलियर की आशंका
बिलासपुर। पॉक्सो और मारपीट के मामले में जेल में बंद 31 वर्षीय महिला की बुधवार देर रात अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सिम्स में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर रायपुर के मेकाहारा रेफर किया गया, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में मौत का संभावित कारण मल्टी ऑर्गन फेलियर बताया जा रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द निवासी निशा ध्रुव (31) और उनके पति गोपीचंद ध्रुव (37) के खिलाफ एक महिला और उसकी नाबालिग बच्चियों से मारपीट व छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़िता की रिपोर्ट पर तोरवा पुलिस ने बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ पॉक्सो सहित मारपीट की धाराओं में कार्रवाई की थी। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर 10 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जेल में रहने के दौरान 12 अक्टूबर को निशा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल सिम्स में भर्ती कराया गया। एक दिन तक इलाज के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे रायपुर रेफर किया गया। हालांकि, गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पति-पत्नी को एक दिन पहले मिली थी जमानत
इस बीच, मृतका और उसके पति की ओर से न्यायालय में जमानत याचिका दायर की गई थी। बुधवार को न्यायालय ने दोनों को जमानत दे दी। निशा पहले से अस्पताल में भर्ती थी, जबकि पति गोपीचंद ध्रुव की रिहाई के लिए जेल में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद वह गुरुवार को जेल से बाहर आ सका।
जेल प्रशासन ने बताई इलाज की प्रक्रिया
केंद्रीय जेल बिलासपुर के अधीक्षक खोमेश मंडावी के अनुसार, निशा ध्रुव और उनके पति को 10 अक्टूबर को जेल लाया गया था। 12 अक्टूबर को निशा की तबीयत खराब होने पर उसे सिम्स में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर अपोलो अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।