सीपत इलाके के झलमला पंचायत का मामला, सरपंच पर अव्यवस्था के आरोप; शवों को ठिकाने लगाने का भी दावा

बिलासपुर। सीपत क्षेत्र के ग्राम पंचायत झलमला में फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए बनाया गया अस्थाई गोठान अब मवेशियों की मौत और कथित बदइंतजामी को लेकर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का दावा है कि शनिवार को 23 और रविवार को करीब 7 मवेशियों की मौत हुई है। हालांकि, मवेशियों की मौत की संख्या और इसके कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण लगातार बारिश, ठंड, कीचड़ और चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने को मौतों की वजह बता रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, सरपंच धनलाल साहू ने करीब दो महीने पहले खुले मैदान में फेंसिंग तार लगाकर अस्थाई गोठान बनाया था। आसपास के खेतों में घूमने वाले मवेशियों को पकड़कर यहां रखा जा रहा था। आरोप है कि गोठान में 300 से ज्यादा मवेशियों को रखा गया, लेकिन बारिश से बचाने के लिए शेड, पर्याप्त चारा और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। लगातार बारिश के बीच खुले में रहने से मवेशियों की हालत बिगड़ने लगी।

शवों को ठिकाने लगाने का भी आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मवेशियों की मौत की जानकारी बाहर न आए, इसके लिए जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर कुछ शवों को दफना दिया गया। कुछ शवों को नाले के पानी में बहाने और अन्य स्थानों पर फेंकने का भी दावा ग्रामीणों ने किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पशु चिकित्सा विभाग की जांच के बाद ही मौतों की वास्तविक संख्या और कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

जिला गौ सेवा आयोग समिति ने जांच की बात कही

जिला गौ सेवा आयोग समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र दुबे ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी सोमवार को ही मिली है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए प्रयास किया जाएगा।

दो माह में 23 मवेशियों की मौत का दावा

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो माह में जिले में मवेशियों की मौत से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। इनमें 14 मौतें गोधाम और गोठानों में होने का दावा किया गया है। 30 जुलाई को मोपका गोठान में एक ही दिन में 6 मवेशियों की मौत का मामला सामने आया था। 22 अगस्त को मस्तूरी के जैतपुर गोधाम में भारी बारिश और उचित देखरेख की कमी के बीच 2 मवेशियों की मौत की बात सामने आई थी। 27 अगस्त को ओखर गौधाम में 6 मवेशियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई थी। वहीं गतौरी के पास सड़क पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों में से 9 की तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मौत हुई थी।

सरपंच बोले- बारिश से हुई मौत, आरोप निराधार

झलमला के सरपंच धनलाल साहू ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी ग्रामीणों की सहमति से फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से कुछ मवेशियों की मौत हुई है और कुछ मवेशी पहले से बीमार थे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे अन्य आरोपों को निराधार बताया।