बिलासपुर। रतनपुर स्थित महामाया मंदिर के प्रवेश द्वार के पास चोरी के संदेह को लेकर दुकानदारों के बीच शुरू हुआ विवाद दो दिनों में मारपीट और वायरल वीडियो का मामला बन गया। पहले दिन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की महिला मंडल महामंत्री रेहाना बेगम के एक महिला को चप्पल से मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके अगले दिन रेहाना बेगम के साथ कथित मारपीट का दूसरा वीडियो भी सामने आया। मामले में रतनपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत एक दुकान से सामान चोरी होने के संदेह को लेकर हुई। होटल संचालक तुषार पटेल के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले दुकान से सामान चोरी हुआ था। शनिवार को चोरी के संदेह में करिया उर्फ मनोज से पूछताछ की गई। इसके बाद मोंटी धीवर ने रेहाना बेगम को मौके पर बुलाया।
आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद रेहाना बेगम ने चप्पल से मारपीट शुरू कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कथित रूप से चप्पल से मारती हुई दिखाई दे रही हैं। इसके बाद विवाद और बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।
दूसरे दिन भाजपा नेत्री के साथ मारपीट का वीडियो वायरल
घटना के अगले दिन सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रेहाना बेगम के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है। रेहाना बेगम ने आरोप लगाया कि मोंटी धीवर के फोन पर वह दुकान पहुंची थीं। वहां राजा पटेल, मेघा पटेल, ईश्वर प्रधान और राजू शर्मा ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके बाल पकड़े और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। राजू शर्मा पर हाथ मरोड़ने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
वहीं दूसरे पक्ष की ओर से होटल संचालक तुषार पटेल ने रेहाना बेगम पर पहले मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विवाद के दौरान भागवत उर्फ रिहान, शेरू और मोंटी के साथ भी मारपीट हुई।
दोनों पक्षों पर पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए दोनों वीडियो के बाद मामला और चर्चा में आ गया। रतनपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में घटनाक्रम, मारपीट के वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है।
इधर, रेहाना बेगम के पक्ष की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि उनके खिलाफ गवाही देने वाले लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
महामाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार के पास दुकानदारों के बीच विवाद और उसके बाद मारपीट के वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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