बिलासपुर। किसानों के खेतों में कृषि पंप कनेक्शन लगाने में हुई देरी पर बिल से 10 प्रतिशत पेनल्टी काटने के विरोध में ठेकेदारों ने बुधवार को तिफरा स्थित बिजली विभाग के परियोजना कार्यालय में जमकर हंगामा किया। नाराज ठेकेदार कार्यपालन यंत्री पीवीएस राजकुमार के चेंबर में पहुंच गए और शर्ट उतारकर जमीन पर बैठ गए। करीब 2 घंटे तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा।
जिले में इस बार 482 किसानों को कृषि पंप कनेक्शन देने के लिए चयनित किया गया है। खेतों तक बिजली पहुंचाने और पंप कनेक्शन लगाने के लिए विभाग ने करीब 20 ठेकेदारों को 10 मई को वर्क ऑर्डर जारी किया था। उन्हें 15 जून से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। ठेकेदारों का कहना है कि इसके बाद भारी बारिश शुरू हो गई और खेतों में फसल खड़ी होने के कारण केबल बिछाने में दिक्कत आई। इसके चलते तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका।
बारिश थमने के बाद ठेकेदारों ने काम पूरा कर बिल प्रस्तुत किया तो अधिकारियों ने देरी का हवाला देते हुए बिल से 10 प्रतिशत पेनल्टी काटने का निर्देश दिया। ठेकेदारों के मुताबिक प्रत्येक बिल से करीब 20 से 30 हजार रुपए की कटौती की जा रही है। इसी के विरोध में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे ठेकेदार बिजली विभाग के परियोजना कार्यालय पहुंचे और ईई के चेंबर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 3 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने विभागीय कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
हर फाइल पर 1 हजार रुपए मांगने का आरोप
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि योजना शाखा में बिना 1 हजार रुपए दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती। उनका कहना था कि हर फाइल के एवज में पैसे की मांग की जाती है और भुगतान के बाद ही काम आगे बढ़ता है। ठेकेदारों ने इस संबंध में ईई को लिखित शिकायत भी दी है। हालांकि शिकायत में किसी कर्मचारी का नाम नहीं लिखा गया है।
नियमों के तहत पेनल्टी की कार्रवाई
ईई पीवीएस राजकुमार ने कहा कि देर से काम पूरा करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार पेनल्टी की कार्रवाई की जा रही है। कई ठेकेदारों के काम काफी पुराने हैं और उनमें अत्यधिक विलंब हुआ है। बाबुओं द्वारा पैसे मांगने के आरोप की भी जांच कराई जाएगी।