बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा को पढ़ाई में मदद करने के बहाने अपने संपर्क में लेकर उसके साथ दुष्कर्म करने और बदनाम करने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दीपक चतुर के रूप में हुई है, जो डी.पी. विप्र महाविद्यालय में पीड़िता का सीनियर छात्र बताया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की बहन ने सरकंडा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसकी 17 वर्षीय बहन डी.पी. विप्र महाविद्यालय में अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। इसी कॉलेज में पढ़ने वाला सीनियर छात्र दीपक चतुर पढ़ाई में मदद करने के बहाने उससे बातचीत करता था। आरोप है कि इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने 10 नवंबर 2025 और 15 दिसंबर 2025 को पीड़िता को अपने किराये के मकान में ले जाकर डराने-धमकाने के बाद जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी पीड़िता को बदनाम करने की धमकी देता था, जिसके कारण वह डर के चलते घटना के बारे में किसी को नहीं बता पा रही थी। जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की बहन ने पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
चिकित्सीय परीक्षण और साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तारी
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इसके बाद नामजद आरोपी की तलाश कर उसे पकड़ लिया गया।
आरोपी दीपक चतुर (21 वर्ष), पिता मनकी दाउ चतुर, मूल निवासी ग्राम कलमी, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती है। वह वर्तमान में बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के बंगालीपारा में किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64, 79 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की गई।