बिलासपुर में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री तौसीफ खान को संगठन के पद से हटा दिया गया है । उन्हें पार्टी की ओर से नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है । तौसीफ खान पर भी कार्रवाई को लेकर चर्चा गर्म है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान है बताया गया कि भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉक्टर नवीन मार्कंडेय ने यह आदेश जारी कर तौसीफ खान को अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री पद से मुक्त किया है। पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है, कहा गया कि इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है । 


तौसीफ खान पर लगातार आरोप लगते रहे हैं । स्थानीय क्लबो और बार में आए दिन होने वाले झगड़ों में भी तौसीफ खान के शामिल होने की चर्चाएं थी तो वही बताया जाता है कि तौसीफ खान का संबंध शहर के कई शराब माफिया से भी है । अपराधों में संलिप्तता के अलावा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमुर इकबाल खान के बिलासपुर दौरे के दौरान भी तौसीफ खान ने उनके स्वागत में शक्ति प्रदर्शन किया था। इसमें काली फॉर्च्यूनर गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई थी, हालांकि इसके बाद ही तौसीफ खान को अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रदेश मंत्री बनाया गया था, जिसका लगातार विरोध भी हो रहा था। तो वहीं आसिफ खान पर 2018 के विधानसभा चुनाव में भीतर घात करने और कांग्रेस से संबंध होने की बात भी कहीं जा रही है, हालांकि कार्रवाई के बाद तौसीफ खान ने सभी आरोपो को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि लोकल पॉलिटिक्स की वजह से उन्हें हटाया गया है। तौसीफ खान ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ कहीं भी कोई आपराधिक मामला नहीं है। संगठन तक उसके खिलाफ गलत जानकारी पहुंचाई गई है। वे पिछले 18 वर्षों से पार्टी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि पहले एक आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई और फिर चारों तरफ हो रही बदनामी के डर से उस पर यह कार्यवाही की गई।