बिलासपुर। सिम्स समेत जिले में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर 24 सितंबर से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। डॉक्टरों ने 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की घोषणा की थी। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मांगों पर चर्चा के लिए जूनियर डॉक्टरों को राजधानी बुलाया है। अब सोमवार को होने वाली बैठक के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी।

जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाना शामिल है। वर्तमान में इंटर्न डॉक्टरों को 15,900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। डॉक्टर इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों में इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल छात्रों को इससे अधिक स्टाइपेंड मिल रहा है।

मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण जूनियर डॉक्टरों ने 24 सितंबर से ओपीडी का बहिष्कार शुरू किया है। जूनियर डॉक्टर डॉ. नागेंद्र साहू ने बताया कि 28 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मांगों पर चर्चा के लिए राजधानी बुलाया है। बैठक में सरकार का पक्ष सामने आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल इमरजेंसी सेवाएं बंद करने के निर्णय पर भी बैठक के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।