
मुंगेली/लोरमी। लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में 24 अगस्त को सामने आए दंपति के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद और पुरानी रंजिश में मृतक नंदकुमार कश्यप के सगे भाई नंदु कश्यप ने ही दोनों की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी नंदु कश्यप (46) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की कुदरी भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार नवलपुर निवासी नंदकुमार कश्यप और उनकी पत्नी गौरीबाई अपने गांव स्थित मकान में रहते थे। उनके बेटे मोहन कश्यप ने 25 अगस्त को लोरमी थाने में सूचना दी कि 18 अगस्त की रात उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद माता-पिता से संपर्क नहीं हो पा रहा था। 24 अगस्त को संदेह होने पर परिवार के लोगों ने घर जाकर देखा तो दरवाजे पर ताला लगा था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की पुष्टि होने के बाद लोरमी थाने में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग और एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गांव में पूछताछ के साथ मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे पैतृक जमीन के विवाद की जानकारी मिली।
50 डिसमिल जमीन को लेकर बढ़ा था विवाद
पूछताछ में सामने आया कि पिता की करीब आठ एकड़ पैतृक जमीन में दोनों भाइयों को तीन-तीन एकड़ हिस्सा मिला था, जबकि एक एकड़ जमीन बहन के नाम थी। करीब 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी। माता-पिता की देखरेख करने के कारण यह जमीन नंदु कश्यप को मिलने की बात थी। आरोप है कि बाद में नंदकुमार द्वारा इस जमीन में आधा हिस्सा मांगने से दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया और नंदु के मन में अपने भाई के प्रति रंजिश पैदा हो गई।
हत्या से दो दिन पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार 16 अगस्त को नंदु ने अपने खेत में खाद डालकर मेड़ बांधी थी। नंदकुमार द्वारा मेड़ तोड़ दिए जाने से खाद पानी के साथ बह गई। इसके बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद और बढ़ गया। 17 अगस्त की रात करीब 8.15 बजे नंदु कथित तौर पर अपने भाई के घर उसे जान से मारने के इरादे से पहुंचा था। दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदु वापस लौट गया।
छत के रास्ते घर में घुसकर दोनों को मार डाला
पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त की दरम्यानी रात नंदु लोहे की कुदरी लेकर नंदकुमार की हत्या करने के इरादे से उसके घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। सीढ़ियों से नीचे आने पर उसने देखा कि नंदकुमार और गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग स्थान पर सो रहे थे।
आरोप है कि नंदु ने पहले नंदकुमार के सिर पर कुदरी से हमला किया। आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पर भी कुदरी से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
वारदात के बाद आरोपी ने घटना को सामान्य दिखाने के लिए घर के कमरे और अलमारी खोल दी। इसके बाद आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और हत्या में इस्तेमाल कुदरी को धोया। मकान को बाहर से ताला लगाकर वह वहां से चला गया और कुदरी को ट्यूबवेल में छिपा दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर ट्यूबवेल से घटना में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी नंदु कश्यप को 1 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी लोरमी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी सहित थाना लोरमी और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।