मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर की शाम मुंबई के नानावटी अस्पताल में निधन हो गया। वे कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बेटे मोहसिन ने बताया कि अभिनेता को करीब दो सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार शाम करीब 7 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे के अलावा फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने भी की है।

मुश्ताक खान ने अपने करीब पांच दशक लंबे फिल्मी सफर में 500 से अधिक फिल्मों में काम किया। हालांकि उन्होंने ज्यादातर सहायक और चरित्र भूमिकाएं निभाईं, लेकिन अपने सहज अभिनय और कॉमिक टाइमिंग के कारण वे दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने में सफल रहे। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘गदर 2’, ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘जुड़वा’, ‘जोडी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘रोडी राठौड़’, ‘ओह माय गॉड!’, ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार याद किए जाते हैं।

‘वेलकम’ के बल्लू ने बनाया खास मुकाम

मुश्ताक खान को सबसे ज्यादा लोकप्रियता 2007 में आई अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ अभिनीत फिल्म ‘वेलकम’ से मिली। इसमें उन्होंने बल्लू नाम के किरदार की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनके संवाद और अभिनय ने दर्शकों को खूब हंसाया। उनका हॉकी खिलाड़ी वाला प्रसंग और उससे जुड़ा संवाद आज भी सोशल मीडिया पर याद किया जाता है।

‘गदर: एक प्रेम कथा’ में उन्होंने गुल खान की भूमिका निभाई थी और बाद में ‘गदर 2’ में भी इसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बने। महेश भट्ट की फिल्मों से भी उनका महत्वपूर्ण जुड़ाव रहा। ‘कब्जा’ के बाद उन्होंने ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘सिर’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में काम किया।

1980 में शुरू हुआ था फिल्मी सफर

मुश्ताक खान ने 1980 में ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से बड़े पर्दे पर शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार फिल्मों में काम किया और तीन से अधिक दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे। फिल्मों के साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी अभिनय किया। ‘भारत एक खोज’, ‘नुक्कड़’, ‘अदालत’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे टीवी कार्यक्रमों में भी वे नजर आए।

उनका जन्म मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में हुआ था। छोटे शहर से निकलकर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उनके अभिनय की खासियत यह रही कि छोटी भूमिका में भी वे अपनी मौजूदगी दर्ज करा देते थे।

बीमारी के बावजूद शूटिंग कर रहे थे

परिवार के अनुसार अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक मुश्ताक खान काम कर रहे थे। उनके बेटे मोहसिन ने बताया कि वे सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे की पहली फिल्म की शूटिंग में भी शामिल थे। इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई थी और अस्पताल में जांच के दौरान कैंसर का पता चला।

उनकी बीमारी के प्रकार को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में भिन्न जानकारी सामने आई है, इसलिए इसे सामान्य रूप से कैंसर ही बताया जाना अधिक सुरक्षित है। उनके निधन के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर है। परिवार के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 25 सितंबर को मुंबई में किया जाएगा।

मुश्ताक खान के निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसने मुख्य भूमिकाओं के बजाय छोटे-छोटे चरित्रों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई और करीब पांच दशक तक दर्शकों का मनोरंजन किया।