बिलासपुर। नगर निगम की दुकानों और अन्य अचल संपत्तियों के आवंटन की प्रक्रिया अब ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी होगी। नए व्यवस्थापन नियम-2026 लागू होने के बाद निगम पहली बार दुकानों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से करने जा रहा है। आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नए नियमों के तहत रपटा चौक सब्जी मंडी में निगम द्वारा निर्मित और मरम्मत कराई गई 35 दुकानों को प्रीमियम दर पर ई-नीलामी के जरिए आवंटित किया जाएगा। जमीन और निर्माण लागत को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों की दर निर्धारित की जाएगी। इसी तरह नूतन चौक की 8 दुकानें और 2 ऑफिस भी ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।
वहीं मोपका चौक की 9 दुकानों को किराए पर देने के लिए 10 माह की अवधि के लिए ऑफर आमंत्रित किए जाएंगे। रपटा चौक सब्जी मंडी में दुकानों के सामने बने चबूतरों के आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पहली सूची में 67 सब्जी व्यवसायियों का चिन्हांकन किया गया है। सूची जारी कर दावा-आपत्ति मंगाई जाएगी, जिसके बाद पात्र व्यवसायियों के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चांटीडीह में तैयार सब्जी मार्केट की दुकानों की भी होगी ई-नीलामी
नगर निगम द्वारा चांटीडीह में तैयार किए गए सब्जी मार्केट की दुकानों को भी ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित किए जाने की तैयारी है। निगम का मानना है कि ऑनलाइन नीलामी से आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और संपत्तियों से मिलने वाले राजस्व में भी वृद्धि होगी।
10 जून से प्रभावी है नया व्यवस्थापन नियम
नगर निगम की दुकानों और अन्य अचल संपत्तियों के आवंटन के लिए व्यवस्थापन नियम-2026 10 जून 2026 से प्रभावी है। इसके तहत खाली अथवा नए निर्माण वाली दुकानों को आवश्यकता के अनुसार ई-नीलामी, ई-ऑक्शन, प्रीमियम दर या किराए पर दिया जा सकेगा। नियमों में पुराने व्यवसायियों के व्यवस्थापन का भी प्रावधान है, लेकिन इसके लिए पात्रता और निगम के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किराया बकाया रखने या नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यवसायियों को प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
शनिचरी और बृहस्पति बाजार की 2200 दुकानों पर भी पड़ेगा असर
नए व्यवस्थापन नियम का सबसे बड़ा असर शनिचरी बाजार और बृहस्पति बाजार पर पड़ने की संभावना है। दोनों बाजारों में निगम की करीब 2200 दुकानें हैं। यहां पहले से कारोबार कर रहे दुकानदारों की पात्रता और रिकॉर्ड के आधार पर व्यवस्थापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
आयुक्त ने लंबे समय से किराया बकाया रखने वाले और निगम के नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों की अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे व्यवसायियों को व्यवस्थापन प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
अंकुर पांडेय, संपदा अधिकारी, नगर निगम ने बताया कि ई-नीलामी व्यवस्था से दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बढ़ेगी और निगम को अपनी अचल संपत्तियों से बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। नए नियम लागू होने के बाद निगम दुकानों और अन्य अचल संपत्तियों की सूची तैयार कर रहा है। शुरुआत में चांटीडीह सब्जी मंडी और नूतन चौक की संपत्तियों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।