बिलासपुर। बिजली सब-स्टेशन में ऑपरेटर की करंट लगने से मौत के बाद मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। ग्राम कुरेली पहुंचे बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) मिलिंद पांडेय को भीड़ ने घेर लिया और लात-घूंसों के साथ चप्पलों से जमकर पीटा। मौके पर मौजूद दो आरक्षक भी उन्हें भीड़ के चंगुल से तुरंत नहीं निकाल सके। मारपीट में डीई के कपड़े फट गए और उन्हें चोटें आईं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देर रात उनकी शिकायत पर हिर्री थाने में ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कुरेली सब-स्टेशन में तैनात ढनढन निवासी अमन साहू (35) की करंट लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिया। वे मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिजली विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की।

इसके बाद डीएसपी राजेश जोशी और डीई मिलिंद पांडेय सहित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांगों को लेकर लिखित आश्वासन मांगा। दोपहर करीब 3:15 बजे डीई कुछ ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए थोड़ी दूर गए। इसी दौरान अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। लोगों ने लात-घूंसे और चप्पलों से हमला किया। इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए। मौके पर मौजूद दो आरक्षक भी तत्काल स्थिति संभालने में सफल नहीं हो सके।

बिना चप्पल काम कर रहा था ऑपरेटर

कोटवार ने पुलिस को बताया कि अमन सुबह करीब 9:30 बजे सब-स्टेशन में बिना चप्पल के काम कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि अमन सब-स्टेशन में ही रहता था। नहाने के बाद फीडर ट्रिप होने पर वह उसे चालू करने गया था। हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुलिस जांच कर रही है।

वीडियो से हमलावरों की पहचान में जुटी पुलिस

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देर रात डीई मिलिंद पांडेय ने हिर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने देर रात से ही तलाश शुरू कर दी।

बिजली विभाग की लापरवाही के आरोप, दो महीने में चौथी मौत

बिजली के तारों की मरम्मत में लापरवाही के आरोपों के बीच जिले में पिछले दो महीनों के दौरान करंट से मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं।

सकरी: 26 अक्टूबर को बजरंगपारा में 11 केवी बिजली लाइन का तार जमीन से करीब चार फीट ऊपर झूल रहा था। इसी तार की चपेट में आने से 50 वर्षीय देवीराम यादव की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही बिजली विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं किया गया।

सेवती: 30 सितंबर को खेत में टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से गांव के कोटवार की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने पहले ही तार टूटने की सूचना विभाग को दे दी थी। 4 अक्टूबर को जब कर्मचारी मरम्मत के लिए पहुंचे, तब खेत में कोटवार का शव मिला।

रतनपुर: 5 सितंबर को सड़क पर टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से युवक ईश्वर अनंत की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तार टूटने के बाद समय पर मरम्मत नहीं की गई। इसी स्थान पर पहले भी एक युवक की करंट से मौत होने की बात सामने आई है।