विकास, रोजगार और जनहित से जुड़े अहम फैसलों पर मंत्रिपरिषद ने लगाई मुहर,,,


पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम-2026 को मंजूरी, अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव,,,


सांस्कृतिक क्षेत्र में बड़ा फैसला—फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने पर कैबिनेट की मुहर,,,,


राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,,,

दिनांक 30/09/2026

लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़।।


रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल हुए। बैठक में प्रदेश के युवाओं, शिक्षा व्यवस्था, पूर्व अग्निवीरों तथा सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए।

कैबिनेट बैठक को प्रदेश में विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में लिए गए निर्णयों में रोजगार, शिक्षा और संस्कृति से जुड़े विषय प्रमुख रहे।


 पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम-2026 को मंजूरी 


मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को मंजूरी प्रदान की। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तों, भर्ती के मापदंड, आरक्षण तथा चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके अंतर्गत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी जैसे पदों पर आरक्षण का लाभ दिया जाना है।


 अतिथि व्याख्याताओं को लेकर नई नीति 


कैबिनेट बैठक में अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को भी लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति एवं मानदेय व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी गई।

राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मानव संसाधन को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में इस निर्णय को महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।


 संस्कृति के क्षेत्र में बड़ा फैसला—‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री 


बैठक में फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने के निर्णय पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी। इसके तहत सिनेमाघरों को एसजीएसटी के बराबर राशि की भरपाई राज्य सरकार द्वारा किए जाने का प्रावधान है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागीय दायित्वों को देखते हुए संस्कृति और विरासत से जुड़े ऐसे निर्णय विशेष महत्व रखते हैं। हाल ही में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उन्होंने पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया था।


 मंत्री राजेश अग्रवाल जी का विशेष संदेश 


«“छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार प्रदेश के विकास को गति देने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। पर्यटन और संस्कृति को रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।”» कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने पूर्व में भी कहा है कि छत्तीसगढ़ का पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है।


 छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने पर फोकस 


छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक संपदा को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग की गतिविधियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। बस्तर की जनजातीय संस्कृति से लेकर सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता और सिरपुर, राजिम एवं भोरमदेव जैसी ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों को पर्यटन के व्यापक नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में हुई कैबिनेट बैठक को भी सरकार की व्यापक विकास नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां युवा, रोजगार, शिक्षा और संस्कृति जैसे विषयों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिए गए।।