बिलासपुर। शहर में मकानों को हॉस्टल के रूप में संचालित कर कमर्शियल संपत्तिकर नहीं देने का मामला सामने आया है। नगर निगम के सभी 8 जोन में चल रहे हॉस्टल सर्वे की जोन-8 कोनी की रिपोर्ट तैयार हो गई है। यहां 70 हॉस्टल मिले हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 20 से ही कमर्शियल संपत्तिकर मिल रहा है। यानी 50 हॉस्टल ऐसे हैं, जिनका उपयोग व्यावसायिक रूप से हो रहा है, लेकिन निगम के रिकॉर्ड में कमर्शियल टैक्स नहीं मिल रहा है।
जोन-8 की रिपोर्ट के बाद बाकी 7 जोन में चल रहे सर्वे के शुरुआती आंकड़े भी राजस्व व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब तक जांचे गए हॉस्टलों में औसतन सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत से ही कमर्शियल संपत्तिकर मिलने की जानकारी सामने आई है। निगम का अनुमान है कि शहर के 8 जोन में करीब 500 बड़े हॉस्टल हो सकते हैं। यदि इनमें भी 10 से 15 प्रतिशत हॉस्टलों से ही कमर्शियल टैक्स मिल रहा है, तो बड़ी संख्या में हॉस्टल टैक्स के दायरे से बाहर हैं।
शहर के कोनी, दयालबंद, टिकरापारा, उसलापुर, मंगला, लालखदान समेत कई इलाकों में मकानों में हॉस्टल संचालित हो रहे हैं। निगम अब सर्वे में सामने आए हॉस्टलों का संपत्ति रिकॉर्ड से मिलान करेगा। इसमें संपत्ति किस उपयोग के लिए दर्ज है, हॉस्टल का संचालन कब से हो रहा है, उसका क्षेत्रफल कितना है और उसके आधार पर कितना संपत्तिकर बनता है, इसकी जांच की जाएगी।
अनुमति है, लेकिन कमर्शियल टैक्स नहीं
सर्वे के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां हॉस्टल संचालन की अनुमति तो है, लेकिन संपत्ति का कमर्शियल टैक्स जमा नहीं हो रहा है। इससे हॉस्टल संचालन की अनुमति और राजस्व शाखा में संपत्ति के टैक्स निर्धारण के बीच अंतर सामने आया है। निगम अब अनुमति जारी होने की तारीख और टैक्स रिकॉर्ड का मिलान करेगा। इसके आधार पर बकाया संपत्तिकर की गणना की जाएगी।
सभी 8 जोन की रिपोर्ट के बाद सामने आएगी तस्वीर
शहर के सभी 8 जोन में हॉस्टलों का सर्वे कराया जा रहा है। अभी तक के सर्वे में प्रत्येक जोन में औसतन करीब 50 हॉस्टल सामने आने की जानकारी है। इस हिसाब से पूरे शहर में हॉस्टलों की संख्या 500 से अधिक हो सकती है। हालांकि अंतिम संख्या सभी जोन की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सभी जोन की रिपोर्ट मिलने के बाद निगम हॉस्टलवार संपत्ति रिकॉर्ड का मिलान करेगा। कितने हॉस्टल कमर्शियल टैक्स के दायरे में हैं और कितने समय से टैक्स जमा नहीं हुआ है, इसका आकलन किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार बकाया संपत्तिकर और पेनल्टी की वसूली की जाएगी।
आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि सभी जोन से रिपोर्ट आने के बाद हॉस्टलों के संपत्तिकर रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जो हॉस्टल संचालक कमर्शियल संपत्तिकर नहीं दे रहे हैं, उनसे पेनल्टी के साथ कमर्शियल टैक्स की वसूली की जाएगी।