महाराणा प्रताप चौक के पास सुबह 8 बजे हादसा, बाइक से गिरकर बस के पहिए की चपेट में आई महिला; चालक बस लेकर फरार
बिलासपुर। तिफरा स्थित निर्माणाधीन साइट पर मजदूरी करने जा रहे दंपती सोमवार सुबह महाराणा प्रताप चौक के पास सड़क हादसे का शिकार हो गए। पीछे से आ रही बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक असंतुलित हो गई और पीछे बैठी दुवसिया साहू (35) सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान वह बस के पहिए की चपेट में आ गईं। गंभीर हालत में उन्हें सिम्स ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
चिंगराजपारा निवासी फिरन साहू मजदूरी करते हैं। सोमवार सुबह करीब 8 बजे वे पत्नी दुवसिया को बाइक पर बैठाकर तिफरा की निर्माणाधीन साइट पर काम करने जा रहे थे। महाराणा प्रताप चौक के पास पीछे से आई बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से फिरन बाइक समेत एक ओर गिर गए, जबकि दुवसिया सड़क पर गिरकर बस की चपेट में आ गईं। हादसे के बाद आसपास के राहगीर मदद के लिए पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
अधिक खून बहने से नहीं बची जान
राहगीरों की मदद से फिरन अपनी पत्नी को सिम्स लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों और अधिक खून बहने के कारण दुवसिया की जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। मामले में मर्ग कायम कर बस और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार हो गया। पुलिस महाराणा प्रताप चौक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बस की पहचान कर चालक तक पहुंचा जा सके।
महाराणा प्रताप चौक पर हर साल 20 से ज्यादा हादसे
महाराणा प्रताप चौक और आरओबी के आसपास सड़क हादसे लगातार होते रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां हर साल 20 से अधिक छोटे-बड़े हादसे होते हैं और इनमें 3 से 4 लोगों की मौत भी हो जाती है। 2026 में अब तक 2 लोगों की मौत होने की जानकारी है। यह ऐसा प्रमुख सिग्नल है, जहां रेड सिग्नल के दौरान रायपुर की ओर से आने वाले वाहनों को ओवरब्रिज के ढलान पर रुकना पड़ता है। ऐसे में बड़े वाहनों के ब्रेक फेल होने या नियंत्रण बिगड़ने पर गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है।
2022 से जुलाई 2026 तक 142 हादसे, 57 मौतें
शहर के भीतर जनवरी 2022 से जुलाई 2026 तक 142 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें 57 लोगों की मौत हुई, जबकि 199 लोग घायल हुए। वर्षवार आंकड़ों में 2022 में 39 हादसों में 11 मौतें और 38 लोग घायल हुए। 2023 में 59 हादसे हुए, जबकि 2024 में 17, 2025 में 14 और 2026 में जुलाई तक 13 हादसे दर्ज किए गए।
चौक और आसपास 42 लोगों की जा चुकी है जान
जनवरी 2022 से जुलाई 2026 के बीच महाराणा प्रताप चौक और इसके आसपास सड़क हादसों में 42 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हादसों के बावजूद इस क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरब्रिज के ढलान के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।