नवरात्रि के गरबा इवेंट के प्रचार के नाम पर बनाई गई रील पर विवाद, रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर शूटिंग से यातायात भी हुआ प्रभावित; धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीकों के कथित आपत्तिजनक प्रदर्शन पर सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई
बिलासपुर। नवरात्रि में मेकअप, ड्रेस और गरबा इवेंट के प्रचार के लिए बनाई गई एक रील ने बिलासपुर में विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में कुछ युवतियां गरबा की वेशभूषा में पिस्टलनुमा वस्तु हाथ में लिए और सिगरेट पीते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो के कैप्शन में ‘टैग योर गुंडी गर्ल्स गैंग’ लिखकर इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। रील सामने आने के बाद धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के आपत्तिजनक इस्तेमाल को लेकर शिकायत की गई। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई करने के साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को एक शिकायतकर्ता ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर इस वीडियो के संबंध में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि एक महिला और उसके महिला एवं पुरुष सहयोगियों ने गरबा नृत्य की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन करते हुए तथा पिस्टल हाथ में लेकर वीडियो तैयार किया। इसे गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साझा किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत अशोभनीय गतिविधियों को प्रदर्शित कर उनका महिमामंडन किया गया, जिससे युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने और सामाजिक भावनाएं आहत होने की आशंका है।
ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट के अकाउंट से शेयर हुई रील
वायरल वीडियो शहर की ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट शिफा मैथ्यूज के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था। वीडियो में गरबा की वेशभूषा में युवतियां पिस्टलनुमा वस्तु और सिगरेट के साथ दिखाई दे रही हैं। रील के कैप्शन में ‘टैग योर गुंडी गर्ल्स गैंग’ लिखकर इसे प्रचारात्मक अंदाज में पेश किया गया था।
हालांकि, वीडियो के साथ डिस्क्लेमर दिए जाने के बावजूद इसकी शूटिंग के तरीके और सार्वजनिक स्थान पर ऐसी गतिविधि को लेकर सवाल उठे। पुलिस के अनुसार, रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर रील की शूटिंग के दौरान यातायात भी प्रभावित हुआ। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई।
शिफा मैथ्यूज समेत 9 आरोपी गिरफ्तार
सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में शिफा मैथ्यूज के अलावा रितिका गुप्ता बाऊ, विधा खांडे, थिंकल, आकाश गरहेवाल, प्रियांशू अनंत पिपलवा और वीडियो क्रिएटर रवि सहित कुल 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी में सभी आरोपियों के नामों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 1390/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 299 और 3(5) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बाउंड ओवर कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
हाईवे पर शूटिंग और धार्मिक वेशभूषा के इस्तेमाल पर सवाल
इस मामले में एक ओर धार्मिक आयोजन से जुड़ी वेशभूषा के साथ सिगरेट और पिस्टलनुमा वस्तु के प्रदर्शन को लेकर विवाद है, तो दूसरी ओर नेशनल हाईवे जैसे सार्वजनिक मार्ग पर रील बनाने के दौरान यातायात प्रभावित होने का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रचार और व्यूज हासिल करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की शूटिंग करने के तरीके पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत में वीडियो के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
बिलासपुर पुलिस की चेतावनी—प्रचार के नाम पर धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार या मनोरंजन के नाम पर इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और प्रचार हासिल करने के लिए धार्मिक प्रतीकों के आपत्तिजनक प्रदर्शन, अशोभनीय सामग्री प्रसारित करने तथा हथियारनुमा वस्तुओं का अनुचित प्रदर्शन करने वालों को कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करें और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को बिना सत्यापन के आगे प्रसारित न करें।