बिलासपुर। बिल्हा के ग्राम सेवती में बिजली विभाग की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। खेत में टूटकर गिरे एलटी लाइन के तार की चपेट में आने से 30 वर्षीय किसान और कोटवार कमलदास मानिकपुरी की मौत हो गई। हादसे के बाद उसका शव 5 दिन तक खेत में ही पड़ा रहा। परिजन उसे लापता समझकर तलाशते रहे और बिल्हा थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई। रविवार 4 अक्टूबर को बिजली लाइन की मरम्मत करने पहुंचे कर्मचारियों ने खेत में शव पड़ा देखा। अगले दिन 5 अक्टूबर को विभाग ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
परिजनों के अनुसार कमलदास 30 सितंबर की सुबह फसल देखने खेत गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की। कोई सुराग नहीं मिलने पर बिल्हा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी बीच खेत में एलटी लाइन टूटकर गिरी हुई थी, जिसकी चपेट में आने से कमलदास की मौत हो गई।
मरम्मत करने पहुंचे तो तार से चिपका मिला शव
रविवार को बिजली कर्मचारी टूटे तार की मरम्मत करने खेत पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर औंधे मुंह पड़े शव पर पड़ी। शव कई दिनों पुराना होने के कारण काफी सड़ चुका था और बिजली के तार से चिपका हुआ था। सूचना मिलने पर बिल्हा पुलिस मौके पर पहुंची। शिनाख्ती के बाद शव कमलदास मानिकपुरी का होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेजा। थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि शव पुराना होने के कारण सड़ चुका था।
ग्रामीणों का दावा- जेई को दी थी सूचना, जेई ने किया इनकार
ग्रामीणों का दावा है कि खेत बरतोरी क्षेत्र में आता है और टूटे तार की सूचना बरतोरी के जेई रोशन श्रीवास को करीब 10 दिन पहले दी गई थी। इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं कराया गया। वहीं जेई रोशन श्रीवास ने इस आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें एलटी लाइन टूटने की जानकारी 4 अक्टूबर को ग्रामीणों ने कार्यालय आकर दी थी और उसी दिन कर्मचारियों को सुधार के लिए भेज दिया गया था।
जिले में करंट से 18 मौतें, फिर भी नहीं बदली व्यवस्था
बिजली की चपेट में आने से जिले में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिन पहले रतनपुर में भी जर्जर तार बदलने की सूचना के बाद समय पर सुधार नहीं होने से तार एक राहगीर पर गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। लगातार हो रहे हादसों ने बिजली लाइनों के रखरखाव और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तबादले के बाद भी रिलीव नहीं, कार्यालय में नहीं मिलने की शिकायत
ग्रामीणों के अनुसार बरतोरी जेई रोशन श्रीवास का तबादला सरगांव किया जा चुका है, लेकिन उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने जेई के अक्सर कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहने और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने की भी शिकायत की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े ने कहा कि किसान की करंट से मौत होने की सूचना मिली है। तार टूटने की सूचना विभाग को कब मिली और सुधार में देरी क्यों हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।
3 साल से चल रहा तार बदलने का काम, अब भी 99 किमी खुली लाइन
हादसे ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिले में केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत खुले तारों को हटाकर सुरक्षित एबी केबल लगाने का काम पिछले 3 साल से चल रहा है। जिले में करीब 550 किलोमीटर पुरानी तार बदलने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक 451 किलोमीटर तार ही बदली जा सकी है। करीब 99 किलोमीटर क्षेत्र में अब भी खुली और जर्जर तारें मौजूद हैं। सेवती की घटना ने दिखा दिया कि इन लाइनों की निगरानी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई में चूक कितनी भारी पड़ सकती है।