बिलासपुर। कोटा ब्लॉक के ग्राम अमाली में प्रस्तावित मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की कोलवाशरी को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच हितेंद्र सिंह ने कोलवाशरी के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।


सरपंच हितेंद्र सिंह का आरोप है कि किसी भी परियोजना के लिए पंचायत की एनओसी जारी करने से पहले विधिवत ग्रामसभा बुलाकर ग्रामीणों के समक्ष प्रस्ताव पारित किया जाना जरूरी है। उनका दावा है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में बिना ग्रामसभा आयोजित किए ही एनओसी जारी कर दी गई। जारी एनओसी में ग्रामसभा का उल्लेख तक नहीं है।


सरपंच ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल्द ही पंचायत विभाग और उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने की बात कही है।


दो बार रद्द हो चुकी है जनसुनवाई


कोलवाशरी की स्थापना को लेकर ग्रामीण पहले से विरोध कर रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 और मई 2026 में कोटा कॉलेज में प्रस्तावित जनसुनवाई भी ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते निरस्त करनी पड़ी थी। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की जमीन उपजाऊ है और खेती उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है।


विधायक बोले- जनता के रुख के साथ रहूंगा


कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उनसे संपर्क नहीं किया था, लेकिन क्षेत्र की जनता का जो भी रुख होगा, वह उनके साथ खड़े रहेंगे।


कंपनी ने एनओसी को बताया नियमानुसार


वहीं मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड के विवेक गोयल ने एनओसी को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यदि एनओसी वैध नहीं होती तो परियोजना से संबंधित फाइलों की प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती। उन्होंने कहा कि पूर्व सरपंच द्वारा कंपनी को विधिवत और नियमानुसार एनओसी जारी की गई है। कंपनी ने सभी आवश्यक दस्तावेज भी नियमानुसार जमा किए हैं।