बिलासपुर। वार्ड 61 कालीबाड़ी में पंप खराब होने की शिकायत पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पंप खराब होने की सूचना मिलने के बाद निगम की टीम ने तत्काल तकनीकी जांच नहीं की। इसके चलते करीब 100 घरों में 2 दिन तक पानी की सप्लाई प्रभावित रही। लोगों की जरूरत पूरी करने पार्षद को टैंकर से पानी पहुंचाना पड़ा।

2 दिन बाद निगम की टीम ने पंप खोलकर जांच की तो पता चला कि पंप खराब नहीं था, बल्कि उसकी केबल जली हुई थी। केबल बदलने में करीब 1 घंटे का समय लगा और इसके बाद पानी की सप्लाई शुरू हो गई। इससे सवाल उठ रहा है कि यदि शिकायत के समय ही तकनीकी जांच कर ली जाती तो लोगों को 2 दिन तक पानी की समस्या नहीं झेलनी पड़ती।

जोन 8 के अध्यक्ष राजेश दुसेजा ने बताया कि पंप जलने का अंदेशा होने पर निगम में शिकायत की गई थी। पंप खोलने पर केबल जली मिली, जिसे ठीक कर पानी की सप्लाई बहाल कर दी गई। इस दौरान 2 दिन टैंकर से पानी पहुंचाया गया।

10 लाख खर्च, फिर भी बैकअप पंप नहीं

गर्मियों में जोन 8 को मोटर पंप, पाइपलाइन और नल-जल व्यवस्था के स्पेयर पार्ट्स के लिए 10 लाख रुपए मिले थे। निगम के अनुसार यह राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जोन में अतिरिक्त स्पेयर पंप उपलब्ध नहीं है। पंप खराब होने की स्थिति में तत्काल दूसरा पंप लगाने के बजाय मरम्मत का इंतजार करना पड़ता है। इंजीनियरों के अनुसार जोन के कई पंप पुराने हो चुके हैं और उन्हें बदलने की जरूरत है।