मस्तूरी के पचपेड़ी में पदस्थ पटवारी ऋषि पुरी गोस्वामी पर आरोप, एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश; बयान के लिए बुलाने पर नहीं पहुंचा पटवारी
बिलासपुर। राजस्व विभाग में जमीन संबंधी कामकाज के बदले कथित लेनदेन का एक और मामला सामने आया है। मस्तूरी तहसील के पचपेड़ी में पदस्थ पटवारी ऋषि पुरी गोस्वामी का जमीन बंटवारे के लिए कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो करीब चार महीने पुराना बताया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद मस्तूरी एसडीएम बजरंग वर्मा ने तहसीलदार प्रकाश साहू को जांच के निर्देश दिए हैं। पटवारी को बयान दर्ज कराने के लिए मस्तूरी बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा।
वायरल वीडियो में जमीन बंटवारे का काम कराने के बदले पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि जमीन बंटवारे के लिए 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें 25 हजार रुपये पटवारी के हिस्से के बताए जा रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति पटवारी को नोटों की गड्डी देते हुए दिखाई देता है। इस दौरान पटवारी कथित तौर पर कहता है कि इतने रुपये से काम नहीं चलेगा।
बातचीत के बीच पटवारी वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति से उसके बारे में पूछता है। इस पर वह व्यक्ति खुद को जमीन का खरीदार बताता है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले को गंभीरता से लेते हुए मस्तूरी एसडीएम बजरंग वर्मा ने तहसीलदार प्रकाश साहू को जांच करने के निर्देश दिए हैं। पटवारी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उसके उपस्थित नहीं होने के कारण जांच की स्थिति आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी। जांच में वायरल वीडियो, कथित लेनदेन और जमीन बंटवारे से संबंधित तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
राजस्व विभाग में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जमीन का बंटवारा, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी काम आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे कामों के बदले रिश्वत मांगने या लेने के आरोप सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। इससे पहले भी राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े कथित लेनदेन के वीडियो सामने आ चुके हैं।
अब इस मामले में जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।