बिलासपुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में अब फांसी की सजा पर अंतिम न्यायिक प्रक्रिया हाई कोर्ट में आगे बढ़ेगी। जगदलपुर की एनआईए की विशेष अदालत ने 10 दोषियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा की पुष्टि के लिए मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भेज दिया है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में इस संबंध में क्रिमिनल रेफरेंस दर्ज किया गया है। अब हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।
एनआईए की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को करीब 13 साल पुराने झीरम घाटी मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। झीरम हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी।
इन 10 दोषियों को सुनाई गई है फांसी
मृत्युदंड पाने वालों में प्रमिला मोडियम, चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना, सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोदियाम, मुक्का मंडावी, कोसा कवासी उर्फ कोसाराम, आयता मरकाम, मडकामी देवा, जोगा मडकामी, बंजामी सन्ना उर्फ चमू उर्फ देंगा और महादेव नाग शामिल हैं।
अब विशेष अदालत के फैसले के बाद मामला हाई कोर्ट के समक्ष है। मृत्युदंड के मामलों में सजा की पुष्टि हाई कोर्ट स्तर पर की जाती है। दोषियों को हाई कोर्ट में अपील का अधिकार भी है।
26 सितंबर को राहुल गांधी से मिलेंगे झीरम पीड़ित
इधर, एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद झीरम घाटी के पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेता आगे की रणनीति पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे। इसके लिए 26 सितंबर को 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल में झीरम पीड़ित परिवारों के सदस्य तथा कांग्रेस नेता शामिल होंगे।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मलकीत सिंह गैदू के शामिल होने की जानकारी है। बैठक में एनआईए कोर्ट के फैसले, आगे की कानूनी प्रक्रिया और पीड़ित परिवारों की मांगों को लेकर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने इससे पहले भी मामले को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा कर आगे की दिशा तय करने का निर्णय लिया था।
इस तरह झीरम मामले में एक ओर 10 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा की न्यायिक पुष्टि की प्रक्रिया हाई कोर्ट में शुरू हो रही है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली में बैठक कर आगे की कानूनी एवं राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा करने की तैयारी में हैं।