पुराने 83 प्रभावित व्यापारियों को दुकान आवंटन के प्रस्ताव पर सदस्यों की आपत्ति, बोले- कम कीमत पर देने से निगम को होगा राजस्व का नुकसान

बिलासपुर। इमलीपारा रोड स्थित नए व्यावसायिक परिसर में पुराने प्रभावित व्यापारियों को दुकानें आवंटित करने के लिए तय कीमतों पर नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में सवाल उठे। शुक्रवार को विकास भवन में हुई बैठक में सदस्यों ने दुकानों की कीमत को बाजार मूल्य के मुकाबले कम बताते हुए आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जिस दुकान की कीमत करीब 12 लाख रुपए तय की जा रही है, उसका बाजार मूल्य आकार के हिसाब से लगभग 24 लाख रुपए हो सकता है। ऐसे में कम कीमत पर दुकानें आवंटित करने से नगर निगम को राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।

इमलीपारा कॉम्प्लेक्स में पुराने 83 प्रभावित व्यापारियों को दुकानें देने के लिए निगम ने जमीन की कीमत और निर्माण लागत के आधार पर मूल्य निर्धारण किया है। निगम के अनुसार, निर्माण लागत 2,827 रुपए प्रति वर्गफीट है। दुकानों के आकार के हिसाब से उनकी कीमत करीब 9 लाख से 15 लाख रुपए तक निर्धारित की गई है। इसी गणना के आधार पर करीब 12 लाख रुपए कीमत वाली दुकानों का आवंटन प्रस्तावित है। हालांकि, एमआईसी सदस्यों का तर्क था कि केवल जमीन और निर्माण लागत के आधार पर कीमत तय करने के बजाय बाजार मूल्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। बैठक में इस मुद्दे पर सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया।

114 करोड़ के विकास कार्यों सहित कई प्रस्तावों पर चर्चा

एमआईसी की बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। 15वें वित्त आयोग के तहत 114.18 करोड़ रुपए के 94 विकास कार्यों का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने पर विचार किया गया। वहीं, बृहस्पति बाजार में 218 चबूतरों और 37 अस्थायी दुकानों को हटाकर निर्माण कार्य कराने की योजना पर चर्चा हुई। निर्माण अवधि में प्रभावित कारोबारियों को गोंड़पारा के रिवर व्यू रोड पर अस्थायी जगह देने की तैयारी है।

बैठक में 296 दैनिक वेतनभोगी और टास्क बेसिस कर्मचारियों को अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक 6 महीने के लिए दोबारा काम पर रखने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके अलावा राजकिशोर नगर कॉम्प्लेक्स में फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए हॉल 6,97,851 रुपए वार्षिक किराए पर देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

वीडियोग्राफी के बीच विरोध तक सीमित रही बैठक

नगर निगम की एमआईसी बैठकें पिछले कुछ समय से हंगामे और आपसी खींचतान को लेकर चर्चा में रही हैं। मेयर और सभापति के बीच मतभेद सहित कई घटनाओं के बाद नगर विधायक को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। हालांकि, हाल की तीन बैठकों में सदस्यों का विरोध प्रस्तावों पर आपत्ति दर्ज कराने तक सीमित रहा है। बैठकों की वीडियोग्राफी को इसकी एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। शुक्रवार को हुई बैठक में भी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

बैठक में महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार, प्रकाश यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।