पार्षद बी. वल्लभ राव के निधन से खाली हुई सीट पर दिसंबर में मतदान के आसार, 30 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन; मेयर पूजा विधानी का वार्ड होने से भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर


बिलासपुर। नगर निगम के सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शहर के सबसे चर्चित और वीआईपी वार्डों में शामिल हेमू नगर में पार्षद पद के लिए उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा पार्षद बी. वल्लभ राव के 4 अक्टूबर को निधन के बाद से यह सीट खाली है। निर्वाचन कार्यालय ने उपचुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 30 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होना है। इसके बाद दिसंबर में मतदान होने के आसार हैं। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हेमू नगर महापौर पूजा विधानी और पूर्व सभापति अशोक विधानी का वार्ड है। यह भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह का भी वार्ड है। भाजपा के लिए यह अपना पारंपरिक गढ़ बचाने की चुनौती है तो कांग्रेस के सामने वर्षों से चले आ रहे चुनावी सूखे को खत्म करने का मौका है।


छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 45 और नगर पंचायत पामगढ़ के वार्ड क्रमांक 12 में उपचुनाव के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 नवंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। 10 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक दावा-आपत्तियां ली जाएंगी। इनके निराकरण और सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन के बाद 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होने और दिसंबर में मतदान की संभावना है।


भाजपा का मजबूत गढ़, कांग्रेस आज तक नहीं जीत पाई चुनाव


हेमू नगर वार्ड का चुनावी इतिहास भाजपा के पक्ष में रहा है। वार्ड के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक कांग्रेस यहां जीत दर्ज नहीं कर पाई है। पिछले दो चुनावों के परिणाम भी भाजपा की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। वर्ष 2025 के नगर निगम चुनाव में भाजपा के बी. वल्लभ राव ने कांग्रेस प्रत्याशी किरण कश्यप को करीब 3000 वोटों से हराया था। इससे पहले 2020 के चुनाव में भाजपा के अशोक विधानी ने कांग्रेस के सुनील सिंह को लगभग 2100 वोटों से पराजित किया था। यानी पिछले चुनाव में भाजपा की जीत का अंतर और बढ़ गया था। अशोक विधानी भी इस वार्ड से लगातार पार्षद निर्वाचित होते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए इस बार भी भाजपा के इस चुनावी गढ़ में सेंध लगाना आसान नहीं होगा। यह उपचुनाव कांग्रेस की नई टीम के लिए भी अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करने का अवसर होगा।


मेयर का वार्ड, भाजपा में कई दावेदार


हेमू नगर वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। महापौर पूजा विधानी भी ओबीसी वर्ग से आती हैं और इसी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ती रही हैं। महापौर बनने के बाद उनके पार्षद पद छोड़ने से हुए चुनाव में बी. वल्लभ राव को मौका मिला था। अब उनके निधन के बाद एक बार फिर भाजपा में टिकट के दावेदार सामने आने लगे हैं। इनमें बी. वल्लभ राव के भतीजे ए. वेंकट राव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा राजा गोस्वामी भी लंबे समय से पार्टी से चुनाव लड़ने और टिकट मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में माना जा रहा है कि टिकट के लिए अशोक विधानी के करीबी को प्राथमिकता मिल सकती है। ऐसे में भाजपा के सामने उम्मीदवार चयन भी अहम होगा। महापौर का अपना वार्ड होने के कारण इस चुनाव में भाजपा की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है।


पांच महीने पहले रेलवे क्षेत्र में कांग्रेस ने पलटा था चुनावी समीकरण


हेमू नगर में भाजपा की मजबूत स्थिति के बीच कांग्रेस को पांच महीने पहले हुए वार्ड क्रमांक 29 के उपचुनाव से उम्मीद मिल सकती है। रेलवे क्षेत्र से लगे संजय गांधी नगर यानी तारबाहर वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा के वी. मधुसूदन राव को 1062 वोटों से हराया था। वार्ड क्रमांक 29 में पार्षद शेख गफ्फार के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था, जिसमें उनके भाई शेख असलम विजयी हुए थे। बाद में उनके निधन के कारण दूसरी बार उपचुनाव की स्थिति बनी। इस चुनाव में कांग्रेस की जीत ने भाजपा को चुनौती देने की उसकी क्षमता दिखाई थी। अब हेमू नगर में भी कांग्रेस इसी तरह के चुनावी उलटफेर की उम्मीद करेगी।


सड़कों के साथ पानी, सफाई और आवारा पशु भी होंगे चुनावी मुद्दे


हेमू नगर शहर के बड़े वार्डों में शामिल है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी कम नहीं हैं। महापौर पूजा विधानी की ओर से वार्ड की सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन पानी की नियमित आपूर्ति अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्वर्गीय पार्षद ने हेमू नगर तालाब के पास एक अतिरिक्त पानी टंकी बनाने का प्रस्ताव भेजा था। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इसका निर्माण होने से जलसंकट दूर हो सकेगा।


इसके अलावा वार्ड की कई गलियों में रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। सफाई व्यवस्था भी नियमित नहीं होने की शिकायतें हैं। सबसे बड़ी परेशानी आवारा पशुओं को लेकर है। वार्ड की गलियों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते, गाय और बैल घूमते रहते हैं। इनके कारण सड़कों पर गोबर और गंदगी फैली रहती है। आवारा कुत्तों के काटने और बैलों के हमले का खतरा भी बना रहता है। इन पशुओं को हटाने और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की दिशा में अब तक अपेक्षित काम नहीं हो पाया है।


ऐसे में हेमू नगर का उपचुनाव केवल पार्षद चुनने तक सीमित नहीं रहेगा। भाजपा के सामने अपने पुराने राजनीतिक वर्चस्व को कायम रखने की चुनौती होगी, जबकि कांग्रेस के लिए यह वार्ड में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का बड़ा अवसर है। महापौर का वार्ड होने के कारण विकास कार्यों का हिसाब भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बनेगा। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा किसे उम्मीदवार बनाती है और कांग्रेस इस मजबूत गढ़ में सेंध लगाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।