बिलासपुर। बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौवंश की सेवा में समर्पित बिलासपुर गौसेवा धाम में इस वर्ष भी गौसेवकों ने पर्यावरण अनुकूल तरीके से गाय के गोबर से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की है। विशेष रूप से तैयार की गई इस प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु गौसेवा धाम पहुंच रहे हैं।
गौसेवक गोपाल कृष्ण रामानुज दास ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी गौमाता के गोबर से गणेश प्रतिमा तैयार कर विधिवत स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में धार्मिक और मांगलिक कार्यों से पहले गोबर से गौरी-गणेश बनाकर पूजन करने की परंपरा रही है। इसी धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए गौसेवकों ने गोबर से गणेश प्रतिमा तैयार की है।
गोपाल कृष्ण ने कहा कि सनातन धर्म की मान्यताओं में गौमाता को विशेष स्थान प्राप्त है। गोबर और गोमूत्र का धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज लोग भगवान गणेश की पूजा करते हैं, लेकिन उनके साथ जुड़ी गौमाता की सेवा और संरक्षण को भी महत्व दिया जाना चाहिए। दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र जैसे पंचगव्य प्रदान करने वाली गौमाता की सेवा समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने भजन के माध्यम से भी गौसेवा का संदेश देते हुए कहा—
“गौमाता का गोबर ही गणेश है,
जिसको पूजते ब्रह्मा, विष्णु, महेश हैं।”
गौसेवा धाम में विराजमान गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लोग यहां पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
इस अवसर पर विपुल शर्मा, शत्रुघन कृष्ण, महेश रजक, डॉ. अजय यादव, डॉ. भावेश कुमार, कृष्ण भैया, अवधेश द्विवेदी, शुभम शुक्ला, गोपाल कृष्ण रामानुज दास, शुभम मिश्रा, नमन सोनी, शिवांश पांडे सहित बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे।