एसीबी की जांच में आय से 119% ज्यादा खर्च और निवेश का खुलासा, भ्रष्टाचार के मामले में विशेष अदालत में चालान पेश

बिलासपुर। ट्रेनों में गांजा तस्करों से सांठगांठ कर अवैध वसूली करने के आरोप में जेल में बंद जीआरपी के बर्खास्त कांस्टेबल लक्ष्मण गाईन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की जांच में उसकी ज्ञात आय से 1.03 करोड़ रुपए से अधिक खर्च और निवेश का खुलासा हुआ है। जांच में कुल आय 86.76 लाख रुपए आंकी गई, जबकि खर्च और निवेश 1.90 करोड़ रुपए से अधिक पाया गया। एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बिलासपुर की अदालत में चालान पेश कर दिया है।

आय से 119% अधिक खर्च और निवेश

एसीबी के अनुसार, सूचना मिली थी कि जीआरपी में पदस्थापना के दौरान लक्ष्मण गाईन ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।

जांच में लक्ष्मण गाईन की कुल आय 86,76,270 रुपए पाई गई, जबकि उसके खर्च और निवेश का कुल आंकड़ा 1,90,09,303.50 रुपए तक पहुंच गया। इस तरह उसकी ज्ञात आय की तुलना में 1,03,33,033.50 रुपए अधिक खर्च और निवेश सामने आया, जो आय से करीब 119% ज्यादा है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अभियोग पत्र विशेष अदालत में प्रस्तुत किया है।

गांजा जब्त कर तस्करों को छोड़ने के बदले वसूली का आरोप

लक्ष्मण गाईन पर आरोप है कि जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान उसने साथी आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करों को पकड़ा था। आरोप है कि तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय जब्त गांजा अपने पास रख लिया गया और आरोपियों को छोड़ने के बदले मोटी रकम वसूली गई। इस रकम को आपस में बांटने का भी आरोप है।

मामला सामने आने के बाद जीआरपी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले की जांच एसीसीयू बिलासपुर ने की। गांजा तस्करों से कथित सांठगांठ और अवैध वसूली के आरोपों के चलते लक्ष्मण गाईन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी द्वारा विशेष अदालत में चालान पेश किए जाने के बाद प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।