बिलासपुर। प्रदेश में शहरी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए राज्य शासन ने जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। अब प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और उससे जुड़ी सुविधाओं की स्थापना के लिए आने वाले आवेदनों की जांच और आवश्यक अनुमति जारी करने के लिए कलेक्टर संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों को अधिकृत करेंगे। निजी जमीन पर पाइपलाइन बिछाने के दौरान राइट ऑफ यूज (ROU) और राइट ऑफ वे (ROW) से जुड़े विवादों का निराकरण भी जिला स्तर पर किया जाएगा।

शहरी गैस वितरण नीति-2026 के तहत पूरी प्रक्रिया सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर के साथ होगी। कलेक्टर जिला खाद्य नियंत्रक या खाद्य अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करेंगे। शासन ने नई व्यवस्था को 7 दिन के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं।

बिलासपुर में 60 किमी पाइपलाइन, 1500 कनेक्शन तैयार

बिलासपुर शहर में PNG नेटवर्क का काम जारी है। अब तक करीब 60 किमी गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। अरपापार क्षेत्र के राजकिशोर नगर, मोपका और चिल्हाटी में करीब 1500 हाउस कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है। कंपनी के अनुसार दिसंबर तक करीब 1300 घरों में गैस सप्लाई शुरू करने की तैयारी है। मार्च 2027 तक शहर के 3500 घरों को PNG से जोड़ने का लक्ष्य है।

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आलोक भारती ने बताया कि पाइप की उपलब्धता कम होने के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है। देशभर में गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार होने से पाइप की मांग बढ़ी है और इसकी सप्लाई समय पर नहीं मिल पा रही है।

PNG की नियमित सप्लाई शुरू होने के बाद संबंधित घरों का मौजूदा घरेलू गैस कनेक्शन ऑटोमेटिक सरेंडर हो जाएगा। यानी उपभोक्ताओं को सिलेंडर आधारित व्यवस्था से पाइपलाइन गैस व्यवस्था में शिफ्ट किया जाएगा।