8 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू, बीएलओ घर-घर जाकर भरवा रहे फॉर्म-6; स्कूल-कॉलेजों में 21 अक्टूबर तक लगेंगे शिविर
बिलासपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हो पाने वाले पात्र नागरिकों को एक और मौका दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 8 अक्टूबर से शुरू हुआ विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से कट गए हैं या किसी कारण से सूची में शामिल नहीं हो पाए, वे दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने शुक्रवार को अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनके नाम किसी कारण से अंतिम सूची में नहीं जुड़ पाए। इनमें सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिलने, दूसरी जगह चले जाने या अन्य कारणों से छूटे मतदाता शामिल हैं।
बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर वर्तमान मतदाता सूची का एसआईआर से पहले की सूची से मिलान कर रहे हैं। पात्र पाए जाने वाले नागरिकों से फॉर्म-6 भरवाकर उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बीएलओ यह जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ भी साझा करेंगे, ताकि छूटे हुए मतदाताओं की पहचान की जा सके।
नए मतदाताओं के पंजीयन के लिए 21 अक्टूबर तक स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब और बीएलओ के सहयोग से पात्र युवाओं का पंजीयन कराया जाएगा। इसके अलावा श्रमिक बस्तियों, रैन बसेरों और बेघर व वंचित लोगों तक पहुंचकर भी नाम जोड़ने के लिए आवेदन भरवाए जाएंगे।
एसआईआर के बाद 4.33 लाख फॉर्म जमा नहीं हो पाए थे
बिलासपुर जिले में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के सत्यापन में परेशानी सामने आई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1.83 लाख से अधिक मतदाताओं के जिला छोड़ने, 1.30 लाख लोगों के पते पर नहीं मिलने और 71 हजार से अधिक मतदाताओं की मृत्यु होने की जानकारी दर्ज की गई थी। इस कारण बीएलओ करीब 4.33 लाख फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे।
बाद में फॉर्म की एंट्री का आंकड़ा बढ़ा और जिले की 6 विधानसभा सीटों में 12,71,598 मतदाताओं के फॉर्म की एंट्री हुई। एसआईआर से पहले जिले में 16,75,770 मतदाता दर्ज थे। अब नए अभियान के माध्यम से उन पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके नाम किसी कारण से छूट गए हैं।
ऑनलाइन भी भर सकते हैं फॉर्म-6
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल वोटर सर्विस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ECINet मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बीएलओ के माध्यम से भी फॉर्म-6 जमा किया जा सकता है।
आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता और अन्य आवश्यक जानकारी सही-सही भरनी होगी। इसके साथ निर्धारित दस्तावेजों के जरिए उम्र और सामान्य निवास का प्रमाण देना होगा। ऑफलाइन आवेदन के लिए बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से फॉर्म प्राप्त किया जा सकता है।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज रखें तैयार
उम्र का प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्मतिथि वाला 10वीं या 12वीं का प्रमाणपत्र अथवा भारतीय पासपोर्ट जैसे निर्धारित दस्तावेज।
पते का प्रमाण: आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की वर्तमान पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, बिजली-पानी-गैस कनेक्शन का बिल, पंजीकृत किरायानामा, बिक्री विलेख या अन्य निर्धारित स्वीकार्य दस्तावेज।
निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार, आवेदन में आधार नंबर देना स्वैच्छिक है। आधार नंबर नहीं होने या नहीं देने के आधार पर आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता।
छूटे मतदाताओं की पहचान के लिए लगेंगे विशेष शिविर
अभियान के दौरान मतदान केंद्रों के साथ शिक्षण संस्थानों में भी पंजीयन की व्यवस्था की जाएगी। स्कूलों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और उच्च शिक्षण संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक किया जाएगा। बीएलओ को प्रत्येक सप्ताह 20 से 25 मतदाताओं के नाम जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
अभियान पूरा होने के बाद मतदान केंद्रवार जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी। इससे मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों की पहचान करने और उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।