जमीन का रिकॉर्ड सुधरवाने तहसील जा रहा था, आज फिर होगी तलाश
बिलासपुर। चकरभाठा के डिपरापारा एनीकट में मंगलवार सुबह काई के कारण पैर फिसलने से 60 वर्षीय किसान तिजराम कैवर्त अरपा नदी के तेज बहाव में बह गए। उन्हें बचाने के लिए छोटे भाई बबलू ने भी नदी में छलांग लगा दी और उनका हाथ पकड़ लिया, लेकिन तेज बहाव के कारण पकड़ छूट गई। इसके बाद तिजराम गहरे पानी में लापता हो गए। करीब 30 घंटे बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। गुरुवार सुबह फिर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
तिजराम अपने छोटे भाई बबलू के साथ जमीन संबंधी रिकॉर्ड में सुधार कराने तहसील जा रहे थे। दोनों डिपरापारा एनीकट से गुजर रहे थे। इसी दौरान एनीकट पर जमी काई के कारण तिजराम का पैर फिसल गया और वह सीधे नदी के तेज बहाव में जा गिरे।
भाई ने हाथ पकड़ा, लेकिन बहाव में छूट गई पकड़
बबलू ने बताया कि भाई को नदी में गिरते देख उसने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी। तैरकर वह तिजराम तक पहुंचा और उनका हाथ पकड़कर बाहर खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज बहाव और पानी की लहरों के दबाव से उसका हाथ छूट गया। देखते ही देखते तिजराम गहरे पानी में बह गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम ने नदी और आसपास के हिस्से में तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली। बुधवार को भी खोजबीन जारी रही। अब गुरुवार सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
एनीकट पर सुरक्षा इंतजामों पर फिर उठे सवाल
बरसात के दौरान अरपा नदी का जलस्तर बढ़ने और एनीकट पर काई जमने के बावजूद कई जगह पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है। पिछले कुछ वर्षों में अरपा नदी और उसके एनीकट-स्टॉपडैम में डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अगस्त 2024 में पचरीघाट एनीकट में 2 स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हुई थी। जुलाई 2024 में बिलासपुर विश्वविद्यालय के पास एक युवक तेज धार में बह गया था। सितंबर 2023 में सेंदरी एनीकट में नदी पार करने के दौरान एक ग्रामीण की डूबने से मौत हुई थी। हाल में भी अरपा के तेज बहाव में 2 बच्चों के बहने की घटना सामने आई थी। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद एनीकटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं।