सुबह की जगह दोपहर 1:30 बजे उड़ान से यात्रियों की संख्या घटने का दावा, एयरपोर्ट विकास की मांग को लेकर आज उल्टा मार्च निकालेगी संघर्ष समिति

बिलासपुर। बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए बंद पड़ी हवाई सेवा करीब एक माह 7 दिन बाद रविवार को दोबारा शुरू हो गई। हालांकि, पहले दिन इस उड़ान से बिलासपुर से कोलकाता के लिए महज 36 यात्री रवाना हुए। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि उड़ान का समय सुबह से बदलकर दोपहर 1:30 बजे किए जाने से यात्रियों की संख्या प्रभावित हुई है। समिति की मांग है कि बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को पहले की तरह सुबह 7 बजे के आसपास संचालित किया जाए।

18 सितंबर से बंद इस उड़ान के दोबारा शुरू होने के बावजूद यात्रियों की कम संख्या ने हवाई सेवा के संचालन और समय निर्धारण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। समिति के अनुसार, सुबह के समय संचालित होने पर इस उड़ान में औसतन 50 यात्री सफर करते थे। यात्री संख्या कम होने का हवाला देकर ही एलायंस एयर ने इस सेवा को करीब एक महीने तक बंद रखा था। अब सेवा बहाल होने के बाद भी यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम रहने को लेकर समय परिवर्तन पर सवाल उठ रहे हैं।

दिल्ली उड़ान से 45 यात्री पहुंचे, 56 रवाना

विंटर शेड्यूल में बिलासपुर-दिल्ली उड़ान के समय में भी बदलाव किया गया है। पहले यह फ्लाइट शाम 5 बजे रवाना होती थी, लेकिन अब दोपहर 2:40 बजे उड़ान भरेगी। रविवार को दिल्ली से बिलासपुर आने वाली फ्लाइट में 45 यात्री पहुंचे, जबकि बिलासपुर से दिल्ली के लिए 56 यात्री रवाना हुए। एयरपोर्ट डायरेक्टर बीरेन सिंह के अनुसार, विंटर शेड्यूल में दिल्ली उड़ान के समय को छोड़कर अन्य उड़ानों का समय पहले जैसा ही रखा गया है।

छह से घटकर चार उड़ानों तक सिमटा संचालन

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास में देरी और सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई है। समिति का कहना है कि एलायंस एयर पहले छह उड़ानों का संचालन करती थी, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर चार रह गई है। समिति के मुताबिक, समय और रूट में बदलाव के साथ बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी हवाई सेवाओं के विस्तार में बाधा बन रहा है।

समिति ने एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और रनवे की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि टर्मिनल अब भी पुरानी इमारत में संचालित हो रहा है, जहां 70 यात्रियों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर नहीं बनाया गया है और वर्तमान व्यवस्था वर्ष 2021 में स्थापित मोबाइल टावर पर निर्भर है। रनवे की लंबाई भी करीब 1,500 मीटर ही है। समिति की मांग है कि रनवे का विस्तार कर कम से कम 2,200 मीटर किया जाए और एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में उन्नत करने की दिशा में काम शुरू हो।

सात साल के संघर्ष पर आज निकलेगा उल्टा मार्च

बिलासपुर में हवाई सुविधा और एयरपोर्ट के विकास की मांग को लेकर संघर्ष कर रही हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति 26 अक्टूबर को आंदोलन के सात वर्ष पूरे होने पर उल्टा मार्च निकालेगी। सुबह 11 बजे राघवेंद्र राव सभा भवन से कलेक्टोरेट तक मार्च निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। समिति का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा के अलावा कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ है।

समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, मार्च को जिला अधिवक्ता संघ, मर्चेंट एसोसिएशन, माल धक्का व्यापारी संघ, जिला उद्योग संघ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), होटल एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है। समिति का कहना है कि बिलासपुर से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी है।