2 स्थायी वारंटियों की भी धरपकड़, लंबे समय से फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में किया पेश
बिलासपुर। दुर्गा पूजा पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तोरवा पुलिस ने वारंटियों की धरपकड़ की है। पुलिस ने 9 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए 2 स्थायी वारंटियों सहित कुल 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में 2 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, थाना तोरवा क्षेत्र में विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की तलाश की जा रही थी। न्यायालय से जारी स्थायी वारंट और गिरफ्तारी वारंट की तामिली के लिए विशेष अभियान चलाया गया। दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी तरह की अशांति और उपद्रव की आशंका को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने वारंटियों की पतासाजी कर उन्हें गिरफ्तार किया।
इन 11 वारंटियों को किया गिरफ्तार
तोरवा पुलिस की कार्रवाई में पावर हाउस चौक निवासी मजीद खान (48), देवरीखुर्द निवासी कृष्ण कुमार यादव (32), निखिल दुबे उर्फ शुभम दुबे (21), तोरवा निवासी अनवर शेख उर्फ बच्चा कबाड़ी (20), पंप हाउस के पास रहने वाले विष्णु ध्रुव (35), देवरीखुर्द निवासी सीबू सोनकर (28) और अभिषेक सोनकर (29) को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा सिरगिट्टी निवासी सोनू उर्फ नाजीर खान (22), बुधवारी बाजार स्थित आरपीएफ कॉलोनी निवासी राहुल सोनकर, देवरीखुर्द निवासी कुमोदनी दुबे (45) और काली मंदिर के पास रहने वाली आशिनी ध्रुव (25) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मजीद खान और कृष्ण कुमार यादव के खिलाफ स्थायी वारंट जारी थे। मजीद खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी था, जबकि विष्णु ध्रुव के खिलाफ 2 गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की तामिली की गई।
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ और विभिन्न धार्मिक आयोजनों को देखते हुए पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी कर रही है। इसी क्रम में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया। पुलिस का कहना है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका को रोकने और न्यायालय से जारी वारंटों की तामिली सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। असामाजिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।