अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, सार्वजनिक समितियों के लिए 24 सितंबर तय; पहली बार टोकन व्यवस्था से तय होगी विसर्जन की बारी

बिलासपुर। अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है, लेकिन इस बार शहर की अधिकांश सार्वजनिक गणेश समितियां 24 सितंबर को ही बप्पा को विदाई देंगी। प्रशासन ने सार्वजनिक गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 24 सितंबर का दिन तय किया है। दुर्गा पूजा की तर्ज पर एक ही दिन बड़ी संख्या में झांकियां निकलने की संभावना को देखते हुए पहली बार टोकन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत प्रमुख मार्गों से आने वाली गणेश समितियों को कोतवाली चौक पर टोकन दिया जाएगा और इसी क्रम के अनुसार उन्हें विसर्जन घाटों की ओर रवाना किया जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य एक साथ बड़ी संख्या में झांकियों के घाटों तक पहुंचने से होने वाले जाम और अव्यवस्था को रोकना है। मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने गणेश उत्सव समितियों के साथ बैठक कर विसर्जन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। पहले बुधवार से टोकन वितरण की योजना थी, लेकिन समितियों ने सुझाव दिया कि 24 सितंबर को ही कोतवाली चौक पर टोकन दिए जाएं, ताकि उन्हें अलग से टोकन लेने के लिए आने-जाने की परेशानी न हो।

3 घाटों पर होगा प्रतिमा विसर्जन

नगर निगम ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर में पचरीघाट, छठघाट और रामसेतु घाट को निर्धारित किया है। जोन क्रमांक-5 को पचरीघाट, जोन-7 को छठघाट और जोन-8 को रामसेतु घाट की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। पहली बार संबंधित जोन के अधिकारी अपने-अपने घाट की व्यवस्था और निगरानी संभालेंगे।

निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने अधिकारियों को तीनों घाटों पर क्रेन, डंपर और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। पानी में सुरक्षा के लिए गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। घाटों पर साफ-सफाई, अतिरिक्त रोशनी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के अनुसार विसर्जन के दौरान अतिरिक्त अमला और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

24 सितंबर को अधिकांश सार्वजनिक प्रतिमाओं का विसर्जन

घाट के समीप स्थापित प्रतिमाओं को छोड़कर अधिकांश सार्वजनिक गणेश समितियों की प्रतिमाओं का विसर्जन 24 सितंबर को ही कराया जाएगा। 25 सितंबर को मुख्य रूप से घाट के समीप स्थापित प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति रहेगी। एक ही दिन विसर्जन होने के कारण इस बार झांकियों की संख्या सीमित रहने की संभावना है। हालांकि समितियां ढोल-ताशों, धुमाल और डीजे के साथ बप्पा को विदाई देंगी। कई पंडालों में महाआरती, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

आज घाटों पर श्रमदान की अपील

विसर्जन से पहले 23 सितंबर को घाटों की सफाई के लिए श्रमदान की अपील की गई है। प्रशासन ने गणेश समितियों और आम लोगों से इसमें सहयोग करने कहा है। वहीं घरों, गली-मोहल्लों और हॉस्टलों में स्थापित छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पहले ही शुरू हो गया है। मंगलवार को पचरीघाट पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालु ढोल-ताशों और रंग-गुलाल के साथ गणपति बप्पा को विदाई देने पहुंचे।