बालोद। शहर में पुलिसकर्मी की 22 वर्षीय बेटी पर हुए एसिड अटैक के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात अचानक गुस्से में नहीं बल्कि करीब 3 महीने पहले रची गई साजिश का नतीजा थी। छात्रा के कथित प्रेमी यश कुमार सोनकर (20), निवासी नेवारीकला, ने अपने दोस्त करण कुंजाम, निवासी भैरमगढ़, बीजापुर के साथ मिलकर हमला करने की योजना बनाई थी। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेजा गया।
एएसपी चंद्रकांत गवर्ना और एसडीओपी विनय साहू के अनुसार, पूछताछ में यश ने बताया कि छात्रा के किसी दूसरे युवक से संबंध और उससे शादी करने से इनकार करने के कारण वह नाराज था। छात्रा को लगातार मनाने के बाद भी बात नहीं बनी तो उसने दोस्त करण को बुलाकर वारदात की साजिश रची।
दुर्ग जाकर खरीदा तेजाब, गणेश विसर्जन में हमला टाला
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को करण बालोद आया था। अगले दिन दोनों दुर्ग गए और वहां से तेजाब खरीदा। 29 सितंबर को गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान छात्रा पर हमला करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा देखकर उस रात दोनों ने वारदात टाल दी। इसके बाद दोनों मौका मिलने का इंतजार करते रहे और 5 अक्टूबर को योजना के तहत छात्रा पर एसिड फेंक दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि 26 सितंबर को यश ने करण को कुंदरूपारा वार्ड स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया था। गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान यश खुद कांच की बोतल में तेजाब लेकर छात्रा पर हमला करने पहुंचा था, लेकिन वह खुद तेजाब की चपेट में आ गया। इसके बाद उसने करण के जरिए वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
पुलिस को गुमराह करता रहा यश
पुलिस ने करण की पहचान और उसके संपर्कों की जांच की तो यश सोनकर का नाम सामने आया। पुलिस ने शाम 4 से 6 बजे के बीच उससे पूछताछ की। शुरुआत में यश खुद को छात्रा का दोस्त बताते हुए तीन अन्य युवकों पर शक जताकर पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने करण के माध्यम से एसिड अटैक करवाने की बात स्वीकार की।
कोर्ट ले जाते समय आरोपियों पर स्याही फेंकी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस जब दोनों आरोपियों को कोर्ट लेकर जा रही थी, तब लोगों ने रास्ता रोककर विरोध किया। कुछ लोगों ने आरोपियों पर स्याही फेंकी और जूतों की माला पहनाने का प्रयास किया। कई छात्राओं ने भी आरोपियों के साथ मारपीट करने की कोशिश की। कोर्ट में मंगलवार को आरोपियों की ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुआ। अधिवक्ता संघ ने बुधवार को बैठक कर आगे की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लेने की बात कही है।
आरोपियों को जेल ले जाते समय भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और उन्हें रोकने तथा विरोध करने का प्रयास किया। मामले में पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।