प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा मथुरा के श्री देव संस्कृति सभागार में आयोजित राष्ट्रभाषा अभिव्यक्ति सम्मेलन एवं वार्षिक अधिवेशन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ जिला बिलासपुर की सेवानिवृत शिक्षिका, समाज सेविका, मार्गदर्शक, कवयित्री एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ सुषमा पंड्या को हिंदी भाषा साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए "राष्ट्रीय हिंदी भारती सेवा सम्मान" से सम्मानित किया गया। ब्रज की पावन धरा मथुरा में दो दिवसीय (दिनांक 26- 27 सितंबर 2026) अखिल भारतीय सम्मेलन में देश भर के साहित्यकारों, पत्रकारों, समाजसेवियों का महाकुंभ सजा था । प्रथम दिवस के 26 सितंबर के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रयागराज से पधारे डॉक्टर राधेश्याम दुबे "श्याम फतनपुरी" जी रहे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर छत्तीसगढ़ की डाॅ सुषमा पंड्या ने की। जबलपुर के समाज सेवी ए एल श्रीवास्तव जी विशिष्ट अतिथि रहे। संचालन दिल्ली के प्रदीप मिश्रा "अजनबी" ने की। संस्था के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ लाल सिंह किरार जी ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह में साहित्यकारों द्वारा स्वरचित 20 पुस्तकों का विमोचन किया गया और लगभग 200 साहित्यकार कवियों का सम्मान किया गया। भारत के विभिन्न स्थानों से आए हुए कवियों ने स्वरचित कविता का पाठ किया डॉ सुषमा पंड्या ने भी अपनी स्वरचित कविता पाठ किया एवं "मां" एवं "राष्ट्रभाषा" शीर्षक पर कविता प्रस्तुत की । राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान से बिलासपुर जिला के सभी समाजसेवी एवं साहित्यकार गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। डॉ सुषमा पंड्या को शाल ,श्रीफल मोमेंटो ,सर्टिफिकेट एवं कई पुस्तकें प्रदान की गई।