पुणे में बन रही बसें बिलासपुर की सड़कों और रूट के हिसाब से होंगी मॉडिफाई, रोज 100 किमी चलाने पर करीब 3 लाख रुपए आएगा खर्च

बिलासपुर। शहर में दिसंबर से 50 ई-बसों के संचालन की तैयारी है। इनमें 35 मीडियम और 15 मिनी बसें शामिल होंगी। बसों को बिलासपुर की सड़कों, मोड़, चढ़ाई और यात्रियों की संख्या के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। 50 बसें औसतन रोज 100-100 किमी चलेंगी। इस हिसाब से इनके संचालन पर करीब 3 लाख रुपए रोज खर्च आएगा। सोसाइटी के माध्यम से संचालन करने वाली कंपनी को प्रति किलोमीटर 60 रुपए का भुगतान किया जाएगा।

पीएम ई-बस सेवा के तहत छत्तीसगढ़ के चार शहरों के लिए 240 ई-बसें प्रस्तावित हैं। इनमें रायपुर को 100, बिलासपुर को 50, दुर्ग-भिलाई को 50 और कोरबा को 40 बसें मिलेंगी। सभी शहरों में एक जैसे मॉडल की बसें नहीं चलेंगी। सड़क की चौड़ाई, मोड़, चढ़ाई, यात्री संख्या, दूरी और रूट की जरूरत के आधार पर बसों का आकार और कॉन्फिगरेशन तय किया जा रहा है।

पुणे में टीम ने देखा बसों का प्रदर्शन

इसी सिलसिले में केंद्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी), सूडा और नगर निगमों के इंजीनियरों की टीम ने पुणे स्थित एका मोबिलिटी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण किया। टीम ने बसों की बॉडी, आकार, मोड़ लेने की क्षमता और चढ़ाई वाले रूट पर प्रदर्शन सहित तकनीकी पहलुओं को देखा। छत्तीसगढ़ की सड़कों और प्रस्तावित रूट के अनुसार बसों में जरूरी बदलाव को लेकर कंपनी के तकनीकी अधिकारियों से चर्चा भी की गई।

एका मोबिलिटी के 7 मीटर और 9 मीटर के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। 7 मीटर की बसें संकरी सड़कों, छोटे रूट और फीडर कनेक्टिविटी के लिए उपयोगी होंगी, जबकि 9 मीटर की बसें अपेक्षाकृत चौड़े शहरी मार्ग और अधिक यात्रियों वाले रूट पर चलाई जाएंगी। इसी आधार पर बिलासपुर के अलग-अलग रूट के लिए दोनों श्रेणी की बसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

एक चार्ज में 160 किमी तक चलेगी बस

एक ई-बस को एक बार चार्ज करने पर करीब 160 किमी तक चलाने की क्षमता बताई गई है। ऐसे में रोज करीब 100 किमी चलने पर एक चार्ज में ही बस का दैनिक संचालन किया जा सकेगा। सरकार ने रूट तय करने से पहले यात्रियों की संख्या, मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं।

ड्राइवर कंपनी के, कंडक्टर सोसाइटी के

बिलासपुर में 50 ई-बसों के संचालन का ठेका हैदराबाद की चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड को मिला है। कंपनी बसों के संचालन के साथ ड्राइवर उपलब्ध कराएगी, जबकि कंडक्टर बिलासपुर अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के रहेंगे।

ई-बसों के संचालन के लिए कोनी में करीब 6.50 करोड़ रुपए की लागत से एडमिन बिल्डिंग, वर्कशॉप और ईटीबी तैयार किया गया है। यहां बसों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। फिलहाल इन चार्जिंग पॉइंट तक बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है। सीएसईबी की एसटी लाइन से बिजली सप्लाई देने की व्यवस्था की जा रही है। बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद चार्जिंग पॉइंट चालू किए जाएंगे। वर्कशॉप में बसों के रखरखाव और तकनीकी कार्य होंगे, जबकि एडमिन बिल्डिंग और ईटीबी से संचालन संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

अनुपम तिवारी, नोडल अधिकारी ई-बस सेवा ने बताया कि ई-बसों के संचालन से पहले पुणे में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण कर बसों को छत्तीसगढ़ की सड़क परिस्थितियों के अनुकूल बनाने से जुड़े तकनीकी पहलुओं को देखा गया है। बसों के संचालन के लिए कंपनी को प्रति किलोमीटर 60 रुपए का भुगतान किया जाएगा।