
ऑटो सेक्टर में 20% तक ग्रोथ, 1800 वाहनों की डिलीवरी; एक दिन में 149 रजिस्ट्रियां, पंजीयन से मिले 1.52 करोड़ रुपए
बिलासपुर। धनतेरस पर बिलासपुर के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बर्तनों और आधुनिक किचन आइटम्स तक की खरीदारी ने कारोबार के पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक जिले में इस बार 500 से 600 करोड़ रुपए तक का कारोबार हुआ है। पिछले वर्षों में धनतेरस पर लगभग 400 करोड़ रुपए का व्यापार होता था। सराफा बाजार में अकेले करीब 145 करोड़ रुपए की बिक्री हुई, जबकि ऑटोमोबाइल सेक्टर में पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत तक ग्रोथ दर्ज की गई। आरटीओ के अनुसार धनतेरस पर करीब 1800 वाहनों की डिलीवरी हुई। दीपावली तक लगभग 2500 वाहनों की बुकिंग हो चुकी है।
सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही। सदर बाजार सहित प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी। लोगों ने परंपरा के अनुसार सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन और झाड़ खरीदे तो दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक किचन उपकरणों पर भी जमकर खर्च किया। इस बार बाजार में पारंपरिक खरीदारी के साथ आधुनिक तकनीक वाले उत्पादों का भी खास आकर्षण रहा।
सराफा बाजार में 145 करोड़ की बिक्री
सोने के सिक्कों, हल्की ज्वेलरी और पारंपरिक डिजाइन के आभूषणों की सबसे ज्यादा मांग रही। कई ग्राहकों ने पहले से सिक्कों की बुकिंग करा रखी थी। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी के मुताबिक इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कारोबार में काफी उछाल रहा। देर रात तक जिले में करीब 145 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार हुआ। सोने के अलावा चांदी और डायमंड ज्वेलरी की मांग भी बनी रही। चांदी के सिल्वर प्लेटेड आइटम्स में ड्राई फ्रूट ट्रे, नारियल, कलश और कुबेर कलश सेट की कई वैरायटी ग्राहकों को पसंद आईं।
ऑटो सेक्टर में 20% तक की बढ़ोतरी
धनतेरस पर सबसे ज्यादा भीड़ ऑटोमोबाइल शोरूम में दिखाई दी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की डिलीवरी के लिए सुबह से ही ग्राहक पहुंचने लगे थे। कारोबारियों के अनुसार इस बार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी बढ़ी है। ईवी की बुकिंग पर करीब एक महीने तक की वेटिंग चल रही है। आरटीओ के आंकड़ों के मुताबिक धनतेरस पर लगभग 1800 वाहनों की डिलीवरी हुई, जबकि दीपावली तक करीब 2500 वाहनों की बुकिंग हो चुकी है।
एआई तकनीक वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, एसी, कूलर और डिशवॉशर की अच्छी बिक्री हुई। इस बार मेक इन इंडिया उत्पादों के साथ एआई तकनीक से लैस उपकरणों की मांग बढ़ी है। टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उपकरणों में स्मार्ट फीचर्स और स्वचालित संचालन की सुविधा ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं के चलते लोगों ने पुराने उपकरणों की जगह नए मॉडल खरीदने में रुचि दिखाई।
डिजाइनर बर्तनों और थ्री लेयर कुकवेयर का आकर्षण
बर्तन बाजार में पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक किचन आइटम्स की भी खूब बिक्री हुई। इलेक्ट्रॉनिक कुकर, मिक्सर, ब्लेंडर और इंडक्शन कुकटॉप के अलावा स्टील, कांसा, पीतल और तांबे के बर्तनों की मांग रही। थ्री लेयर कुकवेयर, ट्रिप्लाई कुकर, कढ़ाई, सिल्वर डिजाइन वाले बर्तन और डिनर सेट ग्राहकों की पसंद बने। व्यापारियों के अनुसार कांसे की कीमत 1800 रुपए से बढ़कर 2500 रुपए किलो और पीतल की कीमत 800 रुपए से बढ़कर 1200 रुपए किलो तक पहुंच गई है। इसके बावजूद खरीदारी पर महंगाई का खास असर नहीं दिखा।
एक दिन में 149 रजिस्ट्रियां, 1.52 करोड़ का राजस्व
धनतेरस पर जमीन और मकान की खरीदारी में भी उत्साह रहा। शुभ मुहूर्त में संपत्ति का पंजीयन कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंजीयन कार्यालय पहुंचे। पंजीयक राजीव स्वर्णकार के मुताबिक जिले में एक दिन में कुल 149 रजिस्ट्रियां हुईं, जिनसे विभाग को 1 करोड़ 52 लाख रुपए का राजस्व मिला। सामान्य दिनों में औसतन 60 से 70 लाख रुपए का राजस्व मिलता है। इस तरह धनतेरस पर पंजीयन से होने वाली कमाई सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक रही।