11 जगह बनते हैं बताशे, जांच सिर्फ एक की; 418 किलो माल नष्ट कर फर्म सील

चांटीडीह की श्रीराम कन्फेक्शनरी में गंदगी के बीच हो रहा था निर्माण, 27,170 रुपए का स्टॉक नष्ट; सुधार होने तक उत्पादन पर रोक


बिलासपुर। दीपावली पर घरों में मिठास घोलने के लिए खरीदे जाने वाले बताशे सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं। शनिचरी और चांटीडीह बाजार में करीब 11 छोटे-बड़े कारोबारी बताशे का निर्माण करते हैं, लेकिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अब तक सिर्फ एक निर्माण इकाई की जांच की है। चांटीडीह स्थित श्रीराम कन्फेक्शनरी में गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों के बीच बताशे बनते मिले। गुरुवार को औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 418 किलो बताशे नष्ट करा दिए। साथ ही जरूरी सुधार होने तक उत्पादन बंद रखने के निर्देश दिए हैं।


खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक 47 स्थित श्रीराम कन्फेक्शनरी का निरीक्षण किया। यहां खाद्य पदार्थों के निर्माण में निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। जांच के दौरान टीम को 28 कैरेट में रखे 418 किलो बताशे मिले। अधिकारियों ने पूरे स्टॉक को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसकी बाजार कीमत 27,170 रुपए आंकी गई है।


फर्म के संचालक रामदास साहू को परिसर में जरूरी सुधार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इकाई को अग्रिम आदेश तक बंद रखने और सुधार पूरा होने के बाद ही उत्पादन शुरू करने की अनुमति देने की बात कही गई है।


11 निर्माण इकाइयों में से 10 की जांच बाकी


शनिचरी और चांटीडीह बाजार में करीब 11 छोटे-बड़े कारोबारी बताशे बनाते हैं। दीपावली के दौरान इनकी मांग बढ़ने के साथ उत्पादन भी तेज हो जाता है। इसके बावजूद विभाग ने अब तक केवल एक इकाई का निरीक्षण किया है। बाकी 10 निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच होना बाकी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, तेज बारिश के कारण बताशे बनाने वाले ज्यादातर कारखाने बंद मिले। मौसम साफ होने के बाद शेष इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा।


मौसा जी स्वीट्स से पेड़ा और काजू कतली के नमूने


खाद्य सुरक्षा जांच अभियान के तहत टीम ने मौसा जी स्वीट्स के निर्माण प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया। यहां से पेड़ा और काजू कतली के नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।


बारिश के कारण कई कारखाने बंद मिले


जिला अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन ने बताया कि तेज बारिश के कारण बताशे बनाने वाले ज्यादातर कारखाने बंद मिले। मौसम साफ होने के बाद बाकी निर्माण इकाइयों की भी जांच की जाएगी। कार्रवाई के दौरान अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी मौजूद रहे।