बिलासपुर। दादी के इलाज के लिए कोरबा से बिलासपुर आए 25 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा लॉज के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपका निवासी प्रतीक जायसवाल (25) के रूप में हुई है। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें युवक ने पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन और तनाव में रहने की बात लिखी है। हालांकि, आत्महत्या की स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार प्रतीक की दादी बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी देखरेख के लिए प्रतीक कोरबा से बिलासपुर आया था। रविवार को उसका छोटा भाई भी बिलासपुर पहुंचा। तीन-चार दिन से अस्पताल में रहने के बाद उसने प्रतीक को घर जाने के लिए ऑटो में बैठाया। लेकिन प्रतीक घर जाने के बजाय पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा लॉज पहुंच गया और वहां कमरा बुक कर लिया।

घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने शुरू की तलाश

सोमवार सुबह लॉज के कमरे का दरवाजा बंद मिला। दूसरी ओर प्रतीक के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से उन्हें पता चला कि प्रतीक शारदा लॉज में रुका हुआ है। इसके बाद परिजन तत्काल लॉज पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रतीक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए सिम्स अस्पताल भेज दिया।

सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा मुझे माफ करना

पुलिस की जांच के दौरान कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें प्रतीक ने लिखा कि वह पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन और काफी तनाव में था। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों से पूछताछ के साथ अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।