बिलासपुर। बस एजेंट से हफ्ता वसूली के लिए मारपीट और धमकी देने के मामले में सरकंडा पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में एक अन्य आरोपी हसन खान फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। आरोपियों ने बस एजेंट से करीब 11 हजार रुपये छीनने की कोशिश की थी। घटना के बाद हिसाब के करीब 3300 रुपये नहीं मिले।

पुलिस के अनुसार, टिकरापारा निवासी शरद कश्यप (27) अंबिका बस क्रमांक CG15-IJ-8093 में बुकिंग एजेंट का काम करता है। 6 अक्टूबर की रात वह बिलासपुर से अंबिकापुर जाने वाली बस का पेट्रोल पंप के पास हिसाब बना रहा था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर तारण निर्मलकर, घनश्याम तोण्डे उर्फ छोटू, बाला उर्फ मोन्टू यादव और हसन खान वहां पहुंचे। आरोपियों ने पिछले सप्ताह की रंगदारी के पैसे मांगे। शरद के मना करने पर गाली-गलौज करते हुए उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।

इस दौरान बस के हिसाब के लिए रखे करीब 11 हजार रुपये और मोबाइल नीचे गिर गए। मोबाइल और रुपये बाद में मिल गए, लेकिन करीब 3300 रुपये नहीं मिले। शरद के साथी सैफी गौरी और परवेज ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर उन्हें चोट पहुंचाई। जाते समय आरोपियों ने तीनों को जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने दबिश देकर तारण निर्मलकर (37), घनश्याम तोण्डे उर्फ छोटू (28) और बाला उर्फ मोन्टू यादव (27), तीनों निवासी तिफरा क्षेत्र, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। चौथा आरोपी हसन खान फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति या गिरोह डराकर अथवा धमकाकर पैसों की मांग करता है तो तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस ने शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने और सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की बात कही है।