बिलासपुर। जीआरपी बिलासपुर के बर्खास्त कांस्टेबल संतोष कुमार राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया। जांच में संतोष राठौर की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपए और खर्च 62 लाख 28 हजार 137 रुपए पाया गया। इस तरह उसकी आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपए अधिक खर्च मिला।
एसीबी के अनुसार, जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर संतोष राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अपराध प्रमाणित पाया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) बी और 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। आपराधिक आचरण के आरोप में पुलिस अधीक्षक रेल, छत्तीसगढ़ ने संतोष राठौर को 19 नवंबर 2024 को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
गांजा तस्करी के मामले में पहले से जेल में
संतोष राठौर गांजा तस्करी के एक मामले में पहले से ही जेल में बंद है। जीआरपी बिलासपुर ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में इस प्रकरण की जांच एसीसीयू बिलासपुर को सौंप दी गई।
एक अन्य बर्खास्त कांस्टेबल के खिलाफ चालान, तीसरे की जांच जारी
एसीबी एएसपी अजितेश सिंह के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में कुल 3 आरोपी हैं। बर्खास्त कांस्टेबल मन्नू प्रजापति के खिलाफ पहले ही अदालत में चालान पेश किया जा चुका है। जांच में उसके खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया था। तीसरे आरोपी बर्खास्त कांस्टेबल लक्ष्मण गाईन के मामले की जांच अभी जारी है।