बिलासपुर, 8 अक्टूबर। शहर में ऑटो रिक्शा से सफर को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने डिजिटल पंजीयन एवं क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था की शुरुआत की है। चेतना भवन पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग और पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के पहले ही दिन 3000 से अधिक ऑटो चालकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से अपना डिजिटल पंजीयन कराया।

कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में ऑटो चालक और नागरिक शामिल हुए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ क्यूआर कोड का अनावरण किया गया। इस व्यवस्था के तहत पंजीकृत प्रत्येक ऑटो को एक विशिष्ट डिजिटल आईडी और क्यूआर कोड दिया जाएगा। ऑटो में लगाए गए क्यूआर कोड को यात्री अपने मोबाइल से स्कैन कर चालक और वाहन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देख सकेंगे।

डिजिटल पंजीयन के दौरान चालक की पहचान, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का विवरण, फोटो सहित आवश्यक जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी। इससे यात्रियों को ऑटो में बैठने से पहले चालक की पहचान की जानकारी मिल सकेगी। किसी आपात स्थिति में वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी परिजनों या संबंधित लोगों के साथ साझा करना भी आसान होगा।

आईजी रामगोपाल गर्ग ने ऑटो चालकों को पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए कहा कि शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आवागमन करने के कारण ऑटो चालक कई तरह की गतिविधियों से परिचित होते हैं। उनकी पहचान सुनिश्चित होने से अपराध और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए ऑटो चालक की सत्यापित पहचान उपलब्ध होना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। क्यूआर कोड के माध्यम से चालक और वाहन की जानकारी मिलने से यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा।

नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने ऑटो चालकों को जारी क्यूआर कोड की तर्ज पर शहर और कस्बों में ठेला, गुमटी एवं दुकानदारों को भी वेंडर पॉलिसी के तहत क्यूआर कोड उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।

एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ऑटो चालकों और वाहनों का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। इससे पुलिस और प्रशासन को सत्यापन एवं निगरानी में सुविधा मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

पुलिस ने जिले के सभी चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर अभियान चलाकर ऑटो का डिजिटल पंजीयन करने की योजना बनाई है। क्यूआर कोड की सुविधा विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि चालक कहीं से भी ऑनलाइन पंजीयन करा सकें। पुलिस ने सभी ऑटो चालकों को 3 दिनों के भीतर क्यूआर कोड स्कैन कर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की समय-सीमा दी है।

कार्यक्रम में एएसपी शहर पंकज पटेल, एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, सीएसपी परमेश्वर तिलकवार, तिलेश्वर यादव, सुदीप सरकार, एसडीओपी नूपुर उपाध्याय, डीएसपी शिव चरण परिहार, आरआई भूपेंद्र गुप्ता सहित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, शहर के गणमान्य नागरिक और जिलेभर से 5000 से अधिक ऑटो चालक मौजूद रहे।