
शुक्रवार रात को मसानगंज क्षेत्र में दो गुटों की लड़ाई के बाद में सांप्रदायिक बावल में तब्दील हो जाने के मामले में अब पुलिस ने कार्यवाही तेज कर दी है। आरोप है कि मसनगंज क्षेत्र में राखी बंधवाने गए दो हिंदू युवकों के साथ पुराने विवाद के चलते सोहेल खान और उसके साथियों ने मारपीट की। उन्हें पत्थर मारे। बाद में इन युवकों के साथियों ने भी दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के साथ मारपीट की, जिसके बाद देखते ही देखते यह पूरा मामला सांप्रदायिक लड़ाई में तब्दील हो गया । मसनगंज की तंग गलियों से अचानक एक बड़ी भीड़ उभर आई और हर तरफ से पत्थर बाजी होने लगी। कुछ वीडियो में छतो से बम जैसे ज्वलनशील चीजे भी फेंकते देखे गए। सांप्रदायिक नारे लगाते हुए हथियार के साथ निकले इन लोगों ने आसपास सड़क पर मौजूद वाहनों को भी निशाना बनाया। उन में जमकर तोड़फोड़ की। घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। इसी दौरान हिंदू पक्ष के लोग भी धीरे-धीरे इकट्ठा होने लगे और फिर दोनों तरफ से पत्थर बाजी होने लगी। पुलिस ने मामले को संभालने का प्रयास किया लेकिन स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस का भी प्रयोग किया। दोनों ही तरफ देर रात तक तनाव बना रहा । किसी तरह मामले को शांत कराया गया जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज किया है ।
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि इस घटना में 9 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। साथ ही पुलिस वाहनो पर भी तोड़फोड़ की गई है। सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरे की मदद से ऐसा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तीसरी एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही लगातार दोनों पक्षो के आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा में इसी तरह की घटना हुई थी जिसमें प्रदेश के वर्तमान गृहमंत्री नायक बनकर उभरे थे । इसी घटना ने प्रदेश में सत्ता बदल दी थी। अब उसी से मिलती-जुलती घटना बिलासपुर में हुई है जो किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। मसानगंज और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि उपद्रवियों ने घरों, दुकानों, सड़क पर खड़े कारों को यहां तक की मंदिर को भी निशाना बनाया। इतनी बड़ी भीड़ अचानक कहां से चली आई और उनके पास इतनी बड़ी मात्रा में पत्थर कैसे पहुंचे यह जांच का विषय है। इधर शनिवार सुबह से ही एक पक्ष में की पैरवी करने स्थानीय जनप्रतिनिधि और उनके धार्मिक नेता कोतवाली थाने में जमें रहे। हालांकि पुलिस ने दोनों ही पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर यह दर्शाने का प्रयास किया है कि वह निष्पक्ष कार्यवाही कर रही है। अब पुलिस तीसरी एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। साथ ही कहा गया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के अलावा ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो।