
पानी की टंकी, पाइप और नल सब मौजूद, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरसते मरीज! बाथरूम उपयोग के लायक नहीं, साफ-सफाई का भी बुरा हाल।
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,
दिनांक 13/10/2026
लोकेशन, भटगांव जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।।
सूरजपुर/भटगांव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में एक ओर सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर आयोजित कर मानव सेवा का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल की बुनियादी सुविधाएं ही सवालों के घेरे में हैं। सवाल यह है कि जब अस्पताल में पानी, साफ-सफाई और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं हैं, तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिलेंगी? ट्रिपल इंजन की सरकार, फिर भी अस्पताल की समस्याएं बरकरार स्थानीय सत्ता पक्ष के नेताओं और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है। क्या कार्यक्रमों में शामिल होना, मंच साझा करना और तस्वीरें खिंचवाना ही जनसेवा की जिम्मेदारी है? अस्पताल में पानी की टंकी लगी है, पाइप बिछा है, नल लगा है, फ्रीजर भी मौजूद है, लेकिन पानी की एक बूंद नहीं आखिर इन व्यवस्थाओं का लाभ मरीजों को कब मिलेगा? इन कमियों की जवाबदेही कौन तय करेगा?
कार्यक्रमों में तस्वीरें, लेकिन जनता की समस्याओं पर खामोशी क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों में पत्रकारों को सूचना देने तक की जरूरत क्यों नहीं समझी जाती? जब कार्यक्रम का प्रचार करना हो और अपनी उपलब्धियां अखबारों में प्रकाशित करवानी हों, तब पत्रकारों की याद आती है, लेकिन जब अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और जनता की समस्याओं को सामने लाने की बात हो, तब जिम्मेदारों की जवाबदेही कहां चली जाती है? पत्रकारों का काम केवल किसी की वाहवाही प्रकाशित करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदारों से सवाल पूछना भी है।
अब सवाल सीधा है, कि
क्या भटगांव अस्पताल की व्यवस्था सुधरेगी या कार्यक्रमों और फोटो खिंचवाने का सिलसिला ही चलता रहेगा?
रक्तदान जैसे पुनीत कार्य का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सेवा का संदेश तभी सार्थक होगा, जब अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वच्छ वातावरण, पीने का पानी, उपयोग योग्य शौचालय और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी। जनता को मंचों पर भाषण नहीं, अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि बताएं, इन समस्याओं का समाधान कब होगा?