रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए छत्तीसगढ़ में नए संगठन महामंत्री की नियुक्ति की है। झारखंड में अगस्त 2022 से प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मवीर सिंह को अब छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में यह जिम्मेदारी संभाल रहे पवन साय को झारखंड भेजा गया है। भाजपा ने 24 सितंबर को इन नियुक्तियों की घोषणा की। 


राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश को आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सौदान सिंह बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का संगठनात्मक समन्वय देखेंगे। शिवप्रकाश का केंद्र मुंबई और सौदान सिंह का केंद्र भुवनेश्वर रहेगा। 


अजय जामवाल को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी


संगठनात्मक फेरबदल में अजय जामवाल की जिम्मेदारी भी बदली गई है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के तौर पर काम कर रहे जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संगठन महामंत्री का पद समाप्त किया गया है। 


छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दोनों पदों पर नए चेहरे आए हैं। भाजपा ने इससे पहले स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था। इस तरह अब प्रदेश में संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की जिम्मेदारी नई टीम के हाथों में होगी।


कर्मवीर बोले- कार्यकर्ता सबसे ऊपर होंगे


नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कर्मवीर सिंह ने कहा कि उनके लिए संगठन में सबसे ऊपर कार्यकर्ता होंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाएगी और सभी को साथ लेकर संगठन के विस्तार पर काम किया जाएगा।


छत्तीसगढ़ में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी से जुड़े सवाल पर कर्मवीर सिंह ने कहा कि संगठन में वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की होगी और संगठन में सभी का ध्यान रखा जाएगा।


छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने की रणनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश पहुंचकर यहां के राजनीतिक हालात और संगठनात्मक ढांचे को समझेंगे। इसके बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।


झारखंड के अनुभव का छत्तीसगढ़ में होगा इस्तेमाल


कर्मवीर सिंह ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों का गठन लगभग एक ही समय हुआ और दोनों की परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। झारखंड में उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया और अब छत्तीसगढ़ में भी संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।


उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में जेएमएम, राजद, आजसू सहित कई दलों की मौजूदगी के कारण वहां अलग तरह की संगठनात्मक रणनीति की जरूरत थी। छत्तीसगढ़ की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए यहां भी परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति तैयार की जाएगी।


कर्मवीर सिंह के अगले कुछ दिनों में रायपुर पहुंचने की संभावना है। वहीं प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के भी 5 अक्टूबर से पहले छत्तीसगढ़ आने की संभावना जताई गई है। नई नियुक्तियों के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश भाजपा संगठन की बैठकों और कार्यकर्ता संपर्क कार्यक्रमों के जरिए नई टीम की प्राथमिकताएं सामने आने की उम्मीद है।