सरपंचों पर दबाव, पंचायत कार्यों में कथित हस्तक्षेप और राजनीतिक भेदभाव की शिकायतों को लेकर जनप्रतिनिधि व नागरिक होंगे शामिल

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पंचायत कार्यों और प्रशासनिक हस्तक्षेप से जुड़ी विभिन्न शिकायतों को लेकर 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, कांग्रेस नेताओं और नागरिकों की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर शिकायतों की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के संबंध में राजनीतिक विरोध रखने वाले जनप्रतिनिधियों पर कथित प्रशासनिक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही सरपंचों पर कथित रूप से पसंदीदा ठेकेदारों से पंचायत के विकास कार्य कराने का दबाव, विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, प्रशासनिक हस्तक्षेप तथा रेत-मुरुम के कथित अवैध उत्खनन और अनुचित धन वसूली जैसी शिकायतें भी उठाई गई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस आवेदन से नहीं होती है।

ज्ञापन के अनुसार इन मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधि और नागरिक पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी के निवास पर एकत्रित हुए। बैठक में क्षेत्र की पंचायतों से जुड़ी शिकायतों और अन्य मुद्दों पर चर्चा के बाद 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगें रखने का निर्णय लिया गया।

ज्ञापन में विशेष रूप से सरपंचों एवं पंचायत प्रतिनिधियों पर कथित दबाव की शिकायत की गई है। इसमें मांग की गई है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जाए और यह देखा जाए कि किन कार्यों के लिए किस ठेकेदार या एजेंसी का चयन किया गया, कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया तथा कहीं कार्य शुरू होने से पहले अग्रिम भुगतान तो नहीं किया गया।

धनंजय सिंह से जुड़े मामले को लेकर भी ज्ञापन में अलग से जांच की मांग की गई है। आवेदन में उनके रिश्तेदार के घर से जुड़े भूमि एवं सीमा संबंधी मामले में सीमांकन की कार्रवाई और 6 अक्टूबर के लिए जारी नोटिस का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। पंचायत सचिव के स्थानांतरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ज्ञापन में कांग्रेस विचारधारा से जुड़े अन्य पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्रशासनिक दबाव की शिकायत किए जाने का भी उल्लेख है। इसके अलावा क्षेत्र में विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव, अधिकारियों पर कथित दबाव तथा रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की जांच की मांग की गई है।

प्रदर्शन में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की ओर से कहा गया है कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रखना है। ज्ञापन में 13 अक्टूबर के कार्यक्रम से पहले शिकायतों पर जांच प्रक्रिया शुरू करने की अपेक्षा भी जिला प्रशासन से की गई है।

विजय केशरवानी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की शिकायतों पर प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए तथा अधिकारियों को नियम और कानून के अनुसार कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में शिकायतों की जांच तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होनी चाहिए।

ज्ञापन में 12 बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। इनमें पंचायत कार्यों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, ठेकेदारों के चयन और भुगतान, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, धनंजय सिंह से संबंधित सीमांकन मामले, रेत-मुरुम के कथित अवैध उत्खनन और प्रशासनिक दबाव से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं।

13 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सरपंच और नागरिक कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।