लोकेश धर दीवान ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के योगदान को सम्मान देने की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा नेता स्वर्गीय बद्रीधर दीवान की स्मृति में सीपत और बिलासपुर के लिंगियाडीह में पीतल की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठी है। इस संबंध में लोकेश धर दीवान ने सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में सीपत के थाना चौक और बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में दुर्गा मंदिर के पास बद्रीधर दीवान की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि दोनों स्थानों का उनके राजनीतिक जीवन और जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र से जुड़े योगदान के कारण विशेष महत्व है।

बद्रीधर दीवान ने जनसंघ के दौर से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 1990 में मध्यप्रदेश शासनकाल के दौरान वे पहली बार सीपत विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद वर्ष 2003 में वे दूसरी बार सीपत से विधायक बने। वर्ष 2005 में उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।

परिसीमन के बाद सीपत विधानसभा क्षेत्र समाप्त होने पर बेलतरा विधानसभा का गठन हुआ। वर्ष 2008 में बद्रीधर दीवान बेलतरा विधानसभा के पहले विधायक निर्वाचित हुए। इसी दौरान उन्होंने सीएसआईडीसी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। वर्ष 2013 में वे बेलतरा से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए और वर्ष 2015 में उन्हें दूसरी बार विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया गया। वे अपने राजनीतिक जीवन में कुल 4 बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि बद्रीधर दीवान के लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को सम्मान देते हुए सीपत और लिंगियाडीह में प्रस्तावित स्थानों पर उनकी पीतल की प्रतिमा स्थापित करने की पहल की जाए।

इससे पहले बिलासपुर के छठ घाट का नामकरण स्वर्गीय बद्रीधर दीवान के नाम पर करने, वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने तथा तोरवा पुल का नाम उनके नाम पर करने की पहल भी विधायक सुशांत शुक्ला की ओर से की गई थी। हालांकि यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।