दयालबंद के मधुबन इलाके की घटना; अंधेरा होने पर रेस्क्यू रोका, आज फिर होगी तलाश

बिलासपुर। दयालबंद के मधुबन इलाके में शनिवार दोपहर अरपा नदी में नहाते समय दो बच्चे तेज बहाव में बह गए। एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश रविवार सुबह फिर शुरू की जाएगी। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार अयान अंसारी (12) और इमरेश अंसारी (16) अपने साथी हरीश कोसले (12) के साथ शनिवार सुबह करीब 11 बजे अरपा नदी पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे नदी में एक नारियल बहता हुआ दिखाई दिया। अयान नारियल निकालने के लिए पानी में उतरा, लेकिन गहराई में जाने के बाद तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा।

अयान को हाथ दिखाकर मदद मांगते देख इमरेश उसे बचाने के लिए नदी में उतर गया। उसने अयान को पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में दोनों बह गए। यह देखकर हरीश घबराकर मोहल्ले की ओर भागा और लोगों व परिजनों को घटना की जानकारी दी।

एक बच्चे का शव बरामद

सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में तलाश शुरू की। शाम होने से पहले रेस्क्यू टीम ने अयान का शव बरामद कर लिया। अंधेरा होने के बाद दूसरे बच्चे इमरेश की तलाश रोकनी पड़ी। रविवार सुबह करीब 7 बजे से गोताखोर, बोट और जाल की मदद से इमरेश की तलाश दोबारा शुरू की जाएगी।

घटना निर्माणाधीन नालंदा परिसर के पीछे अरपा नदी के हिस्से में हुई। रेस्क्यू टीम ने नदी में काफी देर तक सर्च ऑपरेशन चलाया।

चश्मदीद ने बताया कैसे हुआ हादसा

दोनों बच्चों के साथी और घटना के चश्मदीद हरीश कोसले ने बताया कि वह नदी किनारे ही था। वहां एक लड़की और लड़का खड़े थे। उन्होंने नदी में नारियल बहते देखा और अयान को उसके बारे में बताया, जिसके बाद वे वहां से चले गए। अयान नारियल लेने पानी में गया और अचानक डूबने लगा। वह हाथ दिखाकर मदद मांग रहा था। इमरेश ने उसे देखा तो बचाने के लिए पानी में उतर गया। अयान को पकड़कर बाहर लाने की कोशिश में वह भी तेज बहाव में चला गया। दोनों को डूबता देखकर हरीश मोहल्ले की ओर भागा और लोगों को घटना की जानकारी दी।

20 मिनट में पहुंची एसडीआरएफ टीम

एसडीआरएफ के लांस नायक बलराम ध्रुव के मुताबिक होमगार्ड सेनानी को दोपहर करीब 1.20 बजे घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम करीब 1.40 बजे मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू शुरू किया गया। टीम के अनुसार बचाव अभियान में किसी तरह की देरी नहीं हुई।

अयान 8वीं और इमरेश 9वीं कक्षा में पढ़ते थे। दोनों बालमुकुंद स्कूल में साथ पढ़ते थे। अयान अपनी नानी रज्जू बेगम के साथ रहता था। उसके माता-पिता अलग रहते हैं और नानी ही उसकी देखभाल कर रही थीं। वहीं इमरेश के पिता ऑटो चलाते हैं।