बिलासपुर। दयालबंद के मधुबन क्षेत्र के पास अरपा नदी में दो बच्चों के डूबने की घटना से इलाके में मातम पसरा हुआ है। हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई। एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद कई घंटे तक तलाश के बावजूद दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका।
इस बीच वार्ड क्रमांक 50 के पार्षद जय वाधवानी और समाजसेवी लखन वाधवानी ने स्थानीय स्तर पर प्रयास शुरू करते हुए केवट (धीवर) समाज के 6 अनुभवी मछुआरों को मौके पर बुलाया। मछुआरों ने अरपा नदी के गहरे पानी में उतरकर सघन तलाश शुरू की और कुछ ही देर में एक बच्चे अयान को बाहर निकाला। हालांकि, काफी समय तक पानी में रहने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।
पार्षद जय वाधवानी के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू होने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तलाश शुरू हो जाती तो बच्चे की जान बचने की संभावना हो सकती थी। रात में अंधेरा होने के कारण खोज अभियान में परेशानी आई, जिसके बाद ड्रोन और फ्लड लाइट की मदद से तलाश जारी रखी गई।
दूसरे बच्चे की तलाश अभी जारी है। जय वाधवानी और लखन वाधवानी की टीम स्थानीय मछुआरों के साथ नदी के बहाव क्षेत्र में सघन खोजबीन कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।